जयपुर। राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत निवेशकों को त्वरित, पारदर्शी एवं सरल तरीके से औद्योगिक भूखण्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रीको द्वारा संचालित प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 का 14वां चरण दिनांक 28 सितम्बर 2026 से प्रारंभ हो चुका है। इस चरण में निवेशकों के लिए प्रदेश के 94 औद्योगिक क्षेत्रों में 4700 से अधिक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक निवेशक 12 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ई-लॉटरी दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशकों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिन निवेशकों ने अभी तक एमओयू निष्पादित नहीं किया है, वे भी ईएमडी की अंतिम तिथि तक राज्य सरकार के साथ एमओयू निष्पादित कर योजना के तहत भूखण्ड आवंटन के लिए पात्र हो सकेंगे। इस चरण में उपलब्ध कुल भूखण्डों में से 4,116 भूखण्ड अनारक्षित श्रेणी के हैं, जबकि 27 लॉजिस्टिक भूखण्ड भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों के लिए भूखण्ड आरक्षित किए गए हैं जिनमें अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 168, महिला वर्ग के लिए 167, भूतपूर्व सैनिकों के लिए 95, बेंचमार्क दिव्यांगजनों के लिए 124 तथा सशस्त्र बलों/अर्ध सैनिक बलों के मृतकों के आश्रितों के लिए 59 भूखण्ड शामिल हैं। योजना के तहत एक भूखण्ड के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होने पर सीधे आवंटन किया जाएगा, जबकि एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में ई-लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आवंटन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्यक्ष आवंटन योजना के अब तक 13 चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। इन चरणों में 2335 औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन किया जा चुका है जिनके माध्यम से प्रदेश में 21,000 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश तथा 46,000 से अधिक लोगों के लिये रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके अलावा 444 भूखण्डों का आवंटन वर्तमान में प्रक्रियाधीन है जिनसे 2000 करोड़ रूपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश की संभावना है। रीको का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए राजस्थान में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को गति देना है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना इसी दिशा में रीको की एक महत्वपूर्ण पहल है।
रीको प्रत्यक्ष आवंटन योजना का 14वां चरण प्रारंभ, 94 औद्योगिक क्षेत्रों में 4700 से अधिक भूखण्ड आवंटन हेतु उपलब्ध
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