मुख्य सचिव का कोटा दौरा: सुपर थर्मल प्लांट, साइबर थाना एवं न्यू मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया, चम्बल घड़ियाल सेंचुरी में अवैध खनन रोकथाम संबंधी समिति की बैठक ली, जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा की

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जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को कोटा दौरे के दौरान कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन, साइबर थाना एवं न्यू मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने चम्बल घड़ियाल सेंचुरी में अवैध बजरी खनन की रोकथाम के संबंध में गठित राज्य स्तरीय समन्वय एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक ली तथा जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने, साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा जल संरक्षण कार्यों में अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चम्बल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन की रोकथाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार गठित राज्य स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने अवैध खनन के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने, मैदानी गश्त मजबूत करने और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने को कहा। हाल ही में रेंजर की हत्या की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने फील्ड कार्मिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हथियारों और वाहनों की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित करने तथा न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना संबंधी सूचनाएं समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने साइबर थाने में दर्ज प्रकरणों, अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी और आरोप पत्र प्रस्तुत करने की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाकर तथा समय पर जानकारी साझा कर पीड़ितों की मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है। उन्होंने इस विषय को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में शामिल करने के निर्देश दिए। अभय कमांड सेंटर में उन्होंने लाइव कैमरा फीड से निगरानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था देखी। अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर पुलिस दल चार से छह मिनट में मौके पर पहुंचता है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मुख्य सचिव ने सरकारी अस्पतालों को पूर्णतः डिजिटल बनाने और रोगी देखभाल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, शोध और शोध प्रकाशनों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं नियमित निगरानी, प्रसव पूर्व जांच, रक्त की पर्याप्त उपलब्धता, उपचार प्रोटोकॉल की पालना और रेफरल परिवहन व्यवस्था मजबूत करने को कहा। उन्होंने नवजात गहन चिकित्सा इकाई और प्रसूति वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती प्रसूता से उपचार की जानकारी भी ली। जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा में मुख्य सचिव ने अधिकाधिक लोगों को जोड़ने, कार्यों का नियमित निरीक्षण करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल उपलब्धता तथा नवनेरा बैराज, रामगढ़, महलपुर और चम्बल एक्वाडक्ट सहित प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में मुख्य सचिव ने विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयले की उपलब्धता और संयंत्र भार गुणांक की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश को बिजली उत्पादन में अधिशेष राज्य बनाने के प्रयासों में स्टेशन की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए संयंत्र का सुचारु संचालन और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। दौरे के दौरान कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में संबंधित विभागों और जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।

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