बहरीन की सेना ने ईरान के हमलों को बताया ‘क्रूर’

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मना‌मा। ईरान ने अमेरिकी सेना के हमले का जवाब देते हुए खाड़ी देश में मौजूद उसके बेस को निशाना बनाया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि जॉर्डन, बहरीन, समेत कुल 22 ठिकानों पर जवाबी हमले हुए। बहरीन की सेना ने इन मिसाइल और ड्रोन हमलों को क्रूर करार दिया है। सेना ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी हवाई हमलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। बहरीन सशस्त्र बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान “लगातार अपनी शत्रुतापूर्ण नीति को आगे बढ़ा रहा है” और जानबूझकर मिसाइलों और ड्रोन के जरिए नागरिकों को निशाना बना रहा है। ये अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।”
आगे बयान में कहा गया कि देश की सभी सैन्य इकाइयां पूरी तरह से सतर्क और उच्चतम स्तर की तैयारी में हैं, ताकि राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सेना ने नागरिकों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वस्तु के पास न जाएं, विशेषकर उन अवशेषों के पास जो हमलों के बाद जमीन पर गिर सकते हैं। साथ ही ऐसी किसी भी वस्तु की तुरंत सूचना अधिकारियों को देने को कहा गया है।
इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि पूरे देश में चेतावनी सायरन सक्रिय किए गए। आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसने देश में स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े को निशाना बनाया है।
बदलते घटनाक्रम के बीच बुधवार को ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, बातचीत में दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। अराघची ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया और दोहराया कि ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है और उसकी सेना हमलों का जवाब दे रही है।

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