जयपुर। चिकित्सा विभाग का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बालक रिहान के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। पैदाईश हृदयरोग से जूझ रहे रिहान को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रयासों की वजह से नया जीवन मिला है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि जन्मजात ह्रदय रोग से जूझ रहा 04 वर्षीय मासूम रिहान जन्म के बाद से ही बीमार रहने लगा था। उसे साँस लेने में दिक्कत रहती थी। थोड़ा सा दौड़ने पर हाँफने लगता था। रिहान दिन प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा था। साम्भर के ग्राम मंडा भीमसिंह निवासी पिता संजय कुमावत ने उसे लेकर अस्पतालों के चक्कर लगाए पर बात नहीं बनी। गत 13 अक्टूबर, 2025 को जब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सांभर की मोबाईल हैल्थ टीम “बी” आंगनबाड़ी मंडा भीमसिंह में बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए आई तो वहां उन्हें परीक्षण के दौरान रिहान के ह्रदय की बीमारी के विषय में पता लगा। मोबाईल हैल्थ टीम के डॉ. कमल शर्मा, एएनएम मीनाक्षी चौधरी, गरिमा वर्मा, फार्मासिस्ट राजेश कुमार यादव ने उसे मानसरोवर स्थित मंगलम मेडिसिटी अस्पताल में रैफर कर दिया। रिहान के अभिभावकों को टीम ने हिम्मत बंधाई और समस्त ईलाज निःशुल्क होने के विषय में बताया। रिहान को गत 06 जुलाई को मंगलम मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आवश्यक परीक्षण के बाद 08 जुलाई को डॉ. विनोद गुप्ता व उनकी टीम ने बालक रिहान का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा और रिहान को जन्मजात ह्रदय रोग की तकलीफ से मुक्ति मिल गईं। चिकित्सकों की देखरेख में रहने के बाद उसे गत 14 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज रिहान बिना किसी तकलीफ के सामान्य बच्चों की तरह अपना जीवन बिता रहा है। रिहान के पिता संजय कुमावत और माता करिश्मा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, चिकित्सकों और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञ है, जिनके प्रयासों की वजह से शिवांश का ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और उसे एक गंभीर रोग से मुक्ति मिल गई। इसमे सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल, बीसीएमओ (सांभर) डॉ. राज चौधरी, एडीएनओ डॉ. दिलीप शर्मा, आरबीएसके मोबाईल हैल्थ टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
04 वर्षीय मासूम रिहान को मिली जन्मजात ह्रदय रोग से मुक्ति
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