क्यों धुरंधर 2 ने रचे नए कीर्तिमान

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आदित्य धर के निर्देशन में बनी और रणवीर सिंह अभिनीत ‘धुरंधर 2’ ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा अध्याय लिख दिया है जिसे आने वाले कई दशकों तक याद रखा जाएगा। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने जो सुनामी पैदा की है, उसने न केवल पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नींव हिलाकर रख दी है। रणवीर सिंह की इस महा-ब्लॉकबस्टर ने अपने पहले तीन दिनों के भीतर ही 339.27 करोड़ रुपये का जादुई और ऐतिहासिक कलेक्शन कर लिया है, जो कि किसी भी भारतीय फिल्म के लिए एक स्वप्निल शुरुआत से कम नहीं है। व्यापार विश्लेषकों और ट्रेड पंडितों के बीच इस समय केवल एक ही चर्चा का विषय है कि आखिर कैसे यह फिल्म इतनी बिजली की गति से 300 करोड़ क्लब में अपनी जगह बनाने में सफल रही। सैकनिल्क के शुरुआती रुझानों और आधिकारिक अनुमानों की मानें तो, फिल्म ने अपने तीसरे दिन यानी रविवार को अकेले 113 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय कमाई की है, जो हिंदी सिनेमा के समूचे इतिहास में किसी भी फिल्म द्वारा एक दिन में किया गया सबसे बड़ा सिंगल-डे कलेक्शन है। इस विशाल कमाई के पीछे फिल्म को मिली 81.6 प्रतिशत की जबरदस्त ऑक्यूपेंसी का हाथ है, जिसे देशभर के 20,917 शोज पर प्रदर्शित किया जा रहा है। अगर हम इस कमाई का भाषा-वार विश्लेषण करें, तो हिंदी वर्जन ने अकेले 105 करोड़ रुपये का योगदान दिया है, जबकि दक्षिण भारतीय बाजारों में भी फिल्म का डंका बजा है; तेलुगू में 5 करोड़, तमिल में 2.95 करोड़, और मलयालम व कन्नड़ में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हालांकि ये आंकड़े अभी शुरुआती और अनौपचारिक श्रेणी में हैं, लेकिन इसने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘धुरंधर 2’ ने बाजार के समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।

फिल्म के डे-वाइज कलेक्शन की यात्रा किसी थ्रिलर फिल्म से कम रोमांचक नहीं रही है। इसकी सफलता की आहट तभी मिल गई थी जब इसके पेड प्रीव्यूज से ही 43 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बटोर ली गई थी। इसके बाद, पहले दिन की आधिकारिक शुरुआत 102.55 करोड़ रुपये के साथ हुई, जिसने अब तक के सारे ओपनिंग रिकॉर्ड्स को मटियामेट कर दिया। दूसरे दिन, हालांकि मामूली गिरावट देखी गई, फिर भी 80.72 करोड़ रुपये का आंकड़ा यह साबित करने के लिए काफी था कि फिल्म के प्रति दर्शकों का क्रेज कम नहीं हुआ है। लेकिन असली धमाका तीसरे दिन हुआ, जब 113 करोड़ की कमाई ने इसे सफलता के उस शिखर पर पहुंचा दिया जहां पहुंचना ‘जवान’ या ‘पठान’ जैसी फिल्मों के लिए भी इतना त्वरित नहीं था। महज तीन दिनों में 300 करोड़ का आंकड़ा पार करना हिंदी सिनेमा के लिए एक नया मानदंड है, खासकर जब हिंदी बेल्ट में किसी फिल्म ने पहली बार एक ही दिन में 100 करोड़ की बाधा को पार किया हो। 275 करोड़ रुपये के विशाल बजट पर निर्मित यह फिल्म न केवल लागत वसूलने के करीब है, बल्कि अब शुद्ध लाभ के क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है, और ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मंडे टेस्ट’ में भी इसकी पकड़ उतनी ही मजबूत रहेगी।

इस अभूतपूर्व सफलता का राज आखिर है क्या? इसका उत्तर मिलता है फिल्म के कैप्टन, निर्देशक आदित्य धर की दूरदर्शिता में। अपनी पहली फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले आदित्य ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देशभक्ति और एक्शन के तालमेल को समझने वाले देश के सबसे बेहतरीन निर्देशकों में से एक हैं। ‘धुरंधर 2’ तकनीकी रूप से ‘उरी’ का सीक्वल नहीं है, लेकिन इसकी आत्मा और इसका स्केल उससे कहीं अधिक विशाल और प्रभावशाली है। फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी रणवीर सिंह का डबल रोल है हमजा और जसकीरत सिंह रंगी। रणवीर ने इन दोनों किरदारों के बीच जो महीन अंतर पैदा किया है, वह काबिले तारीफ है। हमजा एक ऐसा ‘रफ एजेंट’ है जो बिना किसी डर के दुश्मन के गढ़ में घुस जाता है, जबकि जसकीरत एक रणनीतिक मास्टरमाइंड है जो अपनी बुद्धिमत्ता से युद्ध जीतता है। फिल्म की कहानी पिछली घटनाओं को खूबसूरती से जोड़ती है और दिखाती है कि कैसे ये दोनों किरदार एक बड़े राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा बनते हैं। फिल्म के एक्शन सीक्वेंस किसी भी बड़े हॉलीवुड प्रोडक्शन को कड़ी टक्कर देते हैं। हाई-ऑक्टेन चेज, आधुनिक ड्रोन हमले और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट दृश्यों में की गई मेहनत पर्दे पर साफ दिखाई देती है। विशेष रूप से बॉर्डर पर बर्फ से ढके पहाड़ों के दृश्य और वहां होने वाला क्लाइमैक्स वीएफएक्स की दृष्टि से एक मास्टरपीस है। जसलीन रॉयल का बैकग्राउंड स्कोर और संगीत फिल्म के ‘पैट्रियॉटिक फीवर’ को चरम पर ले जाता है, जो दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए पर्याप्त है।

फिल्म की कास्टिंग इस प्रोजेक्ट का एक और मजबूत स्तंभ है। संजय दत्त ने एक दमदार मेंटर की भूमिका निभाई है और उनकी संवाद अदायगी किसी बम के धमाके की तरह थिएटर में गूंजती है। आर. माधवन इस फिल्म के सरप्राइज पैकेज हैं; विलेन के रूप में उनका शांत लेकिन खतरनाक अंदाज दर्शकों को डराने में सफल रहता है। माधवन की मौजूदगी ने ही फिल्म के लिए दक्षिण भारतीय बाजारों के द्वार खोल दिए हैं। अर्जुन रामपाल ने अपने ‘रॉ एक्शन’ रोल में खुद को पूरी तरह झोंक दिया है, जबकि अनुभवी कलाकार राकेश बेदी तनावपूर्ण माहौल में कॉमिक रिलीफ देकर संतुलन बनाए रखते हैं। सारा अर्जुन ने अपने रोमांटिक ट्रैक और इमोशनल सीन्स के साथ फिल्म को एक मानवीय स्पर्श दिया है। लेकिन अंततः, यह रणवीर सिंह की अदम्य ऊर्जा ही है जो फिल्म के इंजन को चलाती है। उनका शारीरिक परिवर्तन मजबूत मांसपेशियां और आँखों में वो चमक—बताती है कि उन्होंने इस किरदार के लिए कितनी कड़ी ट्रेनिंग ली होगी। आदित्य धर ने अपनी पूरी कास्ट को इस तरह संतुलित किया है कि हर छोटा-बड़ा कलाकार चमकने का मौका पाता है।

फिल्म के प्रति क्रिटिक्स और दर्शकों का नजरिया भी उतना ही उत्साहजनक है। आईएमडीबी पर 9.2/10 की रेटिंग और बूक माय शो पर 4.8 स्टार्स की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि फिल्म ने दिल और दिमाग दोनों जीते हैं। फिल्म समीक्षकों ने इसे ‘पैट्रियॉटिक एक्शन का नया बेंचमार्क’ करार दिया है। उद्योग जगत की हस्तियों ने भी फिल्म की जमकर सराहना की है; अक्षय कुमार ने ट्वीट कर आदित्य और रणवीर को देश का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई दी, तो वहीं अजय देवगन ने रणवीर के डबल रोल को ‘लीजेंड्री’ बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #Dhurandhar2 लगातार ट्रेंड कर रहा है, जहाँ फिल्म से जुड़ी फैन थ्योरीज और मीम्स की बाढ़ आ गई है। पारिवारिक दर्शकों से लेकर युवाओं तक, हर कोई सिनेमाघरों से तालियां बजाते और सीटियां मारते हुए बाहर निकल रहा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने स्क्रिप्ट को थोड़ा अनुमानित बताया है, लेकिन फिल्म की भव्यता और ट्रीटमेंट ने उन छोटी कमियों को पूरी तरह से ढक दिया है।

व्यापक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ में देखें तो ‘धुरंधर 2’ केवल एक मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक परिघटना बन गई है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और हालिया भू-राजनीतिक वास्तविकताओं से प्रेरित यह फिल्म दर्शकों को असल घटनाओं की याद दिलाती है। आज के समय में, जब देश चीन के साथ सीमा विवाद और पाकिस्तान की ओर से छद्म युद्ध जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, यह फिल्म बेहद सामयिक और प्रासंगिक महसूस होती है। रणवीर का किरदार भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एक विनम्र श्रद्धांजलि है। ‘देश की रक्षा में जान की बाजी लगाना हमारा धर्म है’ जैसे संवाद सीधे दर्शकों के दिलों को छूते हैं और थिएटर के भीतर एक सामूहिक देशभक्ति की भावना जागृत करते हैं। फिल्म ने न केवल सिनेमाघरों में भीड़ जुटाई है, बल्कि लोगों के भीतर अपनी सेना के प्रति सम्मान और गर्व के भाव को और गहरा किया है।

बॉक्स ऑफिस की दृष्टि से ‘धुरंधर 2’ ने कोविड के बाद के उस दौर को एक जबरदस्त बूस्ट दिया है, जहाँ फिल्म इंडस्ट्री अपनी पहचान फिर से खोजने की कोशिश कर रही थी। 2023 से 2025 के बीच के कुछ धीमे चरणों के बाद, यह पहली ऐसी फिल्म बनकर उभरी है जिसने सही मायने में ‘मास एंटरटेनमेंट’ को परिभाषित किया है। यदि इसकी तुलना ‘आर आर आर’ से की जाए, तो जहाँ उस फिल्म ने दक्षिण से उत्तर की ओर एक सेतु बनाया था, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने हिंदी सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व प्रदान किया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 450 करोड़ रुपये के पार जाने की ओर अग्रसर है और विदेशी बाजारों जैसे अमेरिका, खाड़ी देशों और ब्रिटेन में भी इसे अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। निर्माता यश राज फिल्म्स के लिए यह निवेश एक जैकपॉट साबित हुआ है, और ट्रेड एक्सपर्ट्स का दावा है कि यदि फिल्म का वीकडे होल्ड 50 प्रतिशत भी रहता है, तो इसे 1000 करोड़ के क्लब में शामिल होने से कोई नहीं रोक सकता।

आदित्य धर की अपनी यात्रा भी कम प्रेरणादायक नहीं है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के निर्देशक बनने तक, उन्होंने हर कदम पर यह साबित किया है कि अगर कंटेंट दमदार हो तो वह किसी भी बड़े बजट या स्टार पावर से ऊपर है। ‘धुरंधर 2’ में उनका विजन स्पष्ट है वे एक ऐसी कहानी कहना चाहते थे जो विश्वसनीय भी हो और भव्य भी। दूसरी ओर, रणवीर सिंह की यह ‘कमबैक स्टोरी’ भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ‘पद्मावत’ और ’83’ जैसी फिल्मों के बाद, यह उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। सारा अर्जुन जैसी उभरती हुई प्रतिभा को मुख्यधारा में मौका देकर आदित्य ने पूरी इंडस्ट्री को एक सकारात्मक संदेश दिया है कि प्रतिभा को ही प्रधानता मिलनी चाहिए। फिल्म का प्रभाव केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहने वाला है। स्कूलों और कॉलेजों में इस पर चर्चा शुरू हो चुकी है, और भारतीय सेना के पूर्व अधिकारियों ने भी फिल्म की बारीकियों की सराहना की है। हालांकि इसकी ओटीटी रिलीज को लेकर अभी से अटकलें तेज हैं, लेकिन फिलहाल यह फिल्म बड़े पर्दे पर लंबी पारी खेलने के लिए तैयार है। ‘धुरंधर 2’ ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब देशभक्ति के जज्बे को बेहतरीन एक्शन और मास एंटरटेनमेंट के साथ पिरोया जाता है, तो वह केवल फिल्म नहीं रहती, बल्कि एक जन-आंदोलन बन जाती है। आदित्य धर और रणवीर सिंह की जोड़ी ने वास्तव में इतिहास रच दिया है और आने वाले समय में यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक स्वर्ण मानक बनी रहेगी।

– महेन्द्र तिवारी

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