जीरो टॉलरेंस की नीति और विकास कार्यों को मिले गति – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और हर कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने अधिकारियों को सख्त संदेश दिया कि वे कार्यों में देरी या लापरवाही को लेकर कोई बहाना नहीं बनाएं, बल्कि जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए विकास कार्यों की गति को तेजी से बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं बैठक में सात विभागों की लगभग 15 हजार 890 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पंच गौरव योजना, और ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर की समीक्षा करते हुए यह दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राज उन्नति की गत बैठकों में दिए गए निर्देशों की समीक्षा भी की। उन्होंने जयपुर रिंग रोड (उत्तरी) परियोजना की समीक्षा करते हुए वन विभाग एवं रेलवे से समन्वय स्थापित करते हुए इस परियोजना से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान कर शीघ्र कार्य प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना जयपुर में यातायात दबाव कम करने में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना की डीपीआर को अंतिम रूप देकर केन्द्रीय कैबिनेट को अनुमोदन हेतु भिजवाया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि 11 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से बनने वाली जयपुर नॉर्दन रिंग रोड अजमेर हाइवे एनएच-48 (बगरू) से प्रारम्भ होकर जयपुर-दिल्ली एनएच-48 एवं जयपुर-सीकर एनएच-52 से निकलकर जयपुर-बांदीकुई स्पर तक बनेगी। मुख्यमंत्री ने पंच गौरव कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्य सचिव इसकी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रभावी विस्तार की योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद हर जिले की आर्थिक समृद्धि के आधार हैं। इस योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर जिले की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। गत वर्ष जिन जिलों में योजना के अंतर्गत आवंटित राशि का व्यय कम हुआ है, वे अभी से कार्यों को गति प्रदान करें। साथ ही, प्रत्येक जिले में चिन्हित पंच गौरवों (उपज, उत्पाद, वनस्पति प्रजाति, पर्यटन स्थल एवं खेल) के समग्र विकास, संवर्धन और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने पंच गौरव योजना में कम उपलब्धि वाले जिलों को निर्देश दिए कि वे अपने काम में तेजी लाएं और शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें।
दिसंबर तक सुनिश्चित करें रिम्स का लोकार्पण
उन्होंने एम्स दिल्ली की तर्ज पर आरयूएचएस को राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के रूप में विकसित करने के काम में आ रही व्यावहारिक बाधाओं को दूर करते हुए इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरयूएचएस में 13 विभागों की सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर 750 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रथम चरण में यहां इस वर्ष के अंत तक लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, सीटीवीएस विभागों की सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण इस संस्थान के विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। दिसंबर माह तक इस संस्थान का लोकार्पण किया जाना सुनिश्चित करें।
राइजिंग राजस्थान में काम शुरू करने वाले निवेशकों का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने रेलवे की लूणी-समदड़ी-भीलड़ी डबलिंग प्रोजेक्ट, राजसमंद व उदयपुर में नवीन प्रोटीन पशु आहार संयंत्र की स्थापना, कोटपूतली-बहरोड़ में बायोगैस प्लांट की स्थापना सहित राइजिंग राजस्थान समिट से संबंधित निवेश एमओयू की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत जिन निवेशकों ने एमओयू की शर्तों के अनुसार कार्य प्रारंभ कर दिया है, उनका एक कार्यक्रम आयोजित कर सम्मान किया जाए। साथ ही, अन्य निवेशकों को भी जल्द कार्य प्रारंभ करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिले और रोजगार के अधिकाधिक अवसरों का सृजन हो।
राजीविका के उत्पादों की हो प्रभावी मार्केटिंग
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए डेयरी, टेक्सटाईल, फुटवियर, मिलेट्स, मसाले आदि के 50 नवीन उद्यमों की स्थापना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राजीविका से जुड़ी हुई महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए हर जिले में आयोजित होने वाले हाट बाजारों में उन्हें स्थान उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने दिल्ली में बीकानेर हाउस, जयपुर में जवाहर कला केन्द्र, नवी मुंबई में राजस्थान हाउस सहित जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर सहित अन्य स्थानों पर भी उनके उत्पादों की मार्केटिंग के लिए भी स्थान उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न मेलों एवं त्योहारों के अवसरों पर भी उनके उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के कार्यों में लाएं तेजी
मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जिलों में इस योजना से संबंधित कार्यों को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए। मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य तय समय में हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लाभार्थी को दी जाने वाली किस्तों में किसी प्रकार का विलंब नहीं हो। लाभार्थियों को पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध रूप से इसका लाभ मिले।
राजीविका की महिला सदस्यों से अभद्रता, बीपीएम की सेवाएं समाप्त
उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई में दर्ज परिवादों की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित परिवादों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतापगढ़ में चुपना के राजीविका के जागृति क्लस्टर संगठन की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चार्जशीट देने के निर्देश दिए। संगठन ने शिकायत दी थी कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधक धर्मेन्द्र पंवार द्वारा उनके क्लस्टर संगठन का खाता बंद कर दिया गया और उनसे कमीशन की मांग की गई। साथ ही, संगठन के पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस संबंध में संगठन ने विभिन्न स्तरों पर परिवाद दर्ज कराया। शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई जाने के बावजूद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में देरी पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट दिए जाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि विभाग ने धर्मेन्द्र पंवार के नियुक्ति आदेश निरस्त कर अनुबंध आधारित उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। जागृति क्लस्टर संगठन की पदाधिकारी ने बैठक में मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए इस कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
योजना के लाभ में देरी पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बैठक में सम्पर्क पोर्टल दर्ज परिवादों की समीक्षा करते हुए बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के तहत लाभार्थी मनीषा मीणा को समय पर लाभ नहीं मिलने पर संयुक्त श्रम आयुक्त दीपक यादव और संकेत मोदी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवादी ने वर्ष 2023 में प्रसूति सहायता योजना के तहत आवेदन किया था, जिसे दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए लाभार्थी ने योजना का लाभ मिलने एवं देरी पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने के लिए आभार व्यक्त किया।
हर दिव्यांग गृह में पुख्ता हों व्यवस्थाएं, अधिकारी करें सघन निरीक्षण
उन्होंने सामुदायिक परिवेदनाओं की समीक्षा के तहत राजकीय बौद्धिक दिव्यांग बालिका गृह, जामडोली में अव्यवस्थाओं की शिकायत को गंभीरता से लिया और यहां तत्काल सुधार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने न केवल जामडोली के इस दिव्यांग गृह, बल्कि प्रदेशभर में संचालित ऐसे सभी संस्थानों में सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा सुरक्षा के सभी मानकों की पूर्ण पालना हो। उन्होंने जामडोली स्थित दिव्यांग गृह के बार-बार निरीक्षण के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं आने पर उत्तरदायी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए। साथ ही, प्रमुख शासन सचिव वित्त को संस्थान में सुधार के लिए प्रावधित राशि तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। सामुदायिक परिवेदनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन में अनियमितता को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि इनकी प्रभावी उपयोगिता सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की जीपीएस एवं फोटो बेस्ड ट्रैकिंग की जाए। इन मोबाइल इकाइयों में सभी निर्धारित दवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो। समय-समय पर इनका औचक निरीक्षण किया जाए। हर ग्राम पंचायत एवं पशु चिकित्सालयों पर टोल फ्री नंबर 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में वीसी के माध्यम से संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त तथा जिला कलक्टर्स जुड़े। उल्लेखनीय है कि हर माह होने वाली राज उन्नति की बैठक में मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से सीधे संवाद कर प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं तथा समस्या का वास्तविक समय में समाधान किया जाता है। मुख्यमंत्री की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ नवाचार के रूप में मान्यता मिल रही है।

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