वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 5 जून को चम्बल रिवर फ्रंट पर पूजन से होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ

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कोटा। गंगा दशहरा एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियानÓ शुरू होगा। अभियान के तहत 5 जून को प्रात: 10 बजे नदियों एवं परम्परागत तालाबों के पूजन तथा जल स्रोतों तक कलश यात्रा का आयोजन होगा। जिला स्तर पर इसकी शुरुआत जिले के प्रभारी एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक चम्बल रिवर फ्रंट पर पूजन एवं वंदे गंगा कलश यात्रा कार्यक्रम के साथ करेंगे। ब्लॉक स्तर पर इटावा, खैराबाद, सांगोद एवं सुल्तानपुर में चयनित जल स्रोत पर पूजन एवं वंदे गंगा कलश यात्रा, पीपल पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। हर पंचायत में कलश यात्रा एवं पीपल पूजन कार्यक्रम आयोजित होंगे। अभियान के जिले में सफल आयोजन एवं विभिन्न विभागों को दी गई जिम्मेदारियों के संबंध में मंगलवार को जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाड़े के सफल आयोजन, जल स्रोतों की सफाई तथा अन्य कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

1.5 लाख स्कूली बच्चे करेंगे पौधारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 5 जून को तुलसी पौधा वितरण, हरियालो राजस्थान की पूर्व तैयारी के तहत गड्ढे खोदना, स्कूली बच्चों के लिए निबंध, भाषण एवं कविता प्रतियोगिता का आयोजन होगा। शिक्षा विभाग द्वारा 1.5 लाख बच्चों के माध्यम से पौधारोपण कराया जाएगा। इसी दिन वंदे गंगा आमुखीकरण कार्यशाला एवं शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। इसके अलावा जल स्रोतों की सफाई एवं नदी, बांध, सरोवर पर दीप प्रज्वलन, महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई तथा आमजन को ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियानÓ की शपथ दिलाई जाएगी। चिन्हित स्थानों पर श्रमदान भी किया जाएगा। राजीविका से जुड़ी महिलाओं द्वारा हर पंचायत में वंदे गंगा कलश यात्रा निकाली जाएगी एवं पीपल पूजन किया जाएगा।

वंदे गंगा जल सेवा होगी, पक्षियों के लिए परिंडे बांधेंगे
अभियान के तहत 6 जून को जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों एवं खाळों की सफाई की जाएगी। पीएचईडी द्वारा भामशाहों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड, कृषि उपज मंडी समिति सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर वंदे गंगा जल सेवा की जाएगी। इसके अलावा जल संग्रहण संरचनाओं की डी-सिल्टिंग के साथ ही पशुओं के लिए पीने का पानी एवं पक्षियों के लिए परिंडे बांधने जैसे कार्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किए जाएंगे। 7 जून को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर अभियान की गतिविधियों से संबंधित विचार-विमर्श एवं गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। गौ-शालाओं, पशु चिकित्सालयों में स्वच्छता अभियान आयोजित किया जाएगा। 8 जून को स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से वंदे गंगा प्रभात फेरी एवं जागरूकता अभियान रैली का आयोजन वार्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा। साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर श्रमदान किया जाएगा।

नवीन अमृत सरोवरों, जल संग्रहण संरचनाओं का होगा शुभारंभ
अभियान के तहत 9 जून को नवीन अमृत सरोवरों का शुभारंभ, नई जल संग्रहण एवं जल संरक्षण संरचनाओं के कार्यों का शुभारंभ, प्राचीन जोहड़-तालाब की सफाई एवं मरम्मत, गांवों के मुख्य मार्गों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई आदि कार्य होंगे। 10 जून को जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के तत्वावधान में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.1 के अंतर्गत पूर्ण कार्यों का अवलोकन, एमजेएसए 2.2 के अंतर्गत कार्यों का स्वीकृत करना एवं प्रारंभ करना। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत नवीन परियोजनाओं का शुभारंभ, औरण एवं चारागाहों का चिन्हीकरण तथा हरियालो राजस्थान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यों की अग्रिम तैयारी की जाएगी।

उच्च जलाशयों की होगी सफाई
अभियान के तहत 11 जून को तुलसी के पौधों का वितरण, लव-कुश वाटिका पर कार्यक्रम, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.1 अंतर्गत पूर्ण कार्यों का अवलोकन, एमजेएसए 2.2 के अंतर्गत कार्यों को स्वीकृत करना एवं प्रारंभ करना जैसे कार्यक्रम होंगे। 12 जून को जल स्रोतों की सफाई एवं मरम्मत तथा जल स्रोतों पर दीप प्रज्वलन, डिग्गियों की सफाई, किसान चौपाल, कृषि विज्ञान केन्द्रों पर संगोष्ठी सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। 13 जून को जल शक्ति अभियान : कैच द रेन के अंतर्गत कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा नहरों एवं खाळों की जल उपयोक्ता संगमों द्वारा सफाई की जाएगी। पीएचईडी द्वारा पेयजल स्रोतों, स्वच्छ जलाशयों, उच्च जलाशयों आदि की सफाई तथा जल बचत के लिए जन जागृति कार्यक्रम चलाए जाएंगे। भू-जल विभाग द्वारा ”कर्म भूमि से मातृभूमिÓÓ अभियान के तहत विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं स्वीकृति दी जाएगी।

20 जून को होगा समापन
अभियान के तहत 14 जून से 19 जून तक जल संग्रहण एवं जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। पखवाड़े का समापन कार्यक्रम 20 जून को आयोजित होगा। इसमें ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियानÓ में सहयोग देने वाले भामाशाह, स्वयं सेवी संस्थाओं आदि का सम्मान किया जाएगा। पूरे पखवाड़े के दौरान हरियालो राजस्थान के अंतर्गत पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने सहित अन्य तैयारियां भी की जाएंगी।

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