राज्य सहकारी विकास समिति की 9वीं बैठक आयोजित, ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं पहलों की हुई विस्तृत समीक्षा

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जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित चिन्तन सभागार में राज्य सहकारी विकास समिति (एससीडीसी) की 9वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं पहलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कृषि, डेयरी एवं सहकारिता विभाग के मध्य समन्वय को और अधिक मजबूत कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत गोदामों का निर्माण एवं उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अत: इस पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाए। उन्होंने नवीन डेयरी सहकारी समितियों के गठन में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, ‘सहकारिता में सहकार’ के अंतर्गत अधिक से अधिक डेयरी समितियों व सदस्यों के खाते सहकारी बैंकों में खोले जाने व उनके माध्यम से ट्रांजेक्शन किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों की व्यवहार्यता व स्थिति के आकलन के लिए नाबार्ड के स्तर पर विशेषज्ञ समिति का गठन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सहकारी बैंकों की सेवाओं के स्तर में फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुधार के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि बेहतर कार्य कर ‘सहकार से समृद्धि’ की परिकल्पना को साकार कर रही राज्य की सहकारी समितियों को चिह्नित कर उनके नवाचार अन्य समितियों के साथ भी साझा किए जाएं, जिससे वे भी इससे प्रेरणा ले सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को दी जाने वाली सब्सिडी सहकारी बैंक खातों के माध्यम से हस्तांतरित किए जाने पर विचार किया जाए। उन्होंने ‘सहकार से समृद्धि’ की विभिन्न पहलों के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य के लिए अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ध्येय सहकारिता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करना है। राज्य सरकार प्रदेश में सहकारी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बैठक में सहकारी सेक्टर को जमीनी स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सहकारिता विभाग द्वारा पूर्व में आयोजित एससीडीसी बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट बैठक में प्रस्तुत की गई। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि राज्य में 1,811 नवीन एम-पैक्स, 3,434 नवीन डेयरी सहकारी समितियां तथा 31 नई मत्स्य समितियां गठित की गई हैं। निष्क्रिय समितियों के अवसायन की कार्यवाही की जा रही है। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना के अंतर्गत अब तक राज्य की 6,526 पैक्स को गो-लाइव किया जा चुका है। राज्य की 4,392 पैक्स का प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में उन्नयन किया गया है तथा 68 पैक्स एफपीओ के रूप में कार्य कर रही हैं। इसी प्रकार, 6,965 पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-मित्र कियोस्क के रूप में ऑनबोर्ड किया गया है। डॉ. शर्मा ने बताया कि विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में घोषित 100 में से 98 गोदामों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा वर्ष 2025-26 में घोषित गोदामों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। राज्य की 6,652 समितियां बीबीएसएसएल, 1,301 समितियां एनसीईएल एवं 1,516 समितियां एनसीओएल की सदस्यता प्राप्त कर चुकी है। जयपुर में ‘सहकार वन’ विकसित करने का कार्य प्रक्रियाधीन है तथा शीघ्र ही जयपुर शहर में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू किया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि ‘सहकारिता में सहकार’ के अंतर्गत डेयरी समितियों को बैंक मित्र नियुक्त कर माइक्रो एटीएम वितरित किए जा रहे हैं। ‘सहकारिता में सहकार’ के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राजस्थान को चार फोकस स्टेट में शामिल किया गया है। अत: आगामी दिनों में अभियान चलाकर इसके अंतर्गत तेज गति से कार्य किया जाएगा। शासन सचिव ने अवगत कराया कि ‘सहकार से समृद्धि’ की क्रियान्विति में सहकारिता विभाग की टीम द्वारा शानदार कार्य किया जा रहा है। बीबीएसएसएल की सदस्यता में राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना के अंतर्गत पैक्स को गो-लाइव करने में राज्य देश में दूसरे स्थान पर तथा ई-पैक्स की संख्या में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि 9.60 करोड़ के आंकड़े के साथ ई-ट्रांजेक्शन में राजस्थान का देश में प्रथम स्थान है। बैठक में प्रमुख शासन सचिव, वित्त विभाग वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन,मत्स्य एवं गोपालन विभाग विकास सीतारामजी भाले, प्रमुख शासन सचिव, कृषि विभाग मंजू राजपाल, शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अम्बरीश कुमार, आरसीडीएफ की प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज, आयुक्त, ईजीएस पुष्पा सत्यानी, राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी एवं नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक आर. रवि बाबू सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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