नगरीय निकाय चुनाव 2026 : जिले में बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक

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भीलवाड़ा। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के लिए निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान चुनाव आचार संहिता की क्रियान्विति, छात्रों के अध्ययन तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए कोलाहल को नियंत्रित किया जाना आवश्यक एवं उचित है।

जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत सिंह संधू ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 (1963 का अधिनियम संख्या 12) की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर निगम भीलवाड़ा तथा नगर पालिका आसींद, मांडलगढ़, गुलाबपुरा, गंगापुर, शाहपुरा, जहाजपुर, हमीरगढ़, बनेड़ा, बिजौलिया एवं बीगोद में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को प्रतिबंधित करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।

आदेश के अनुसार रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर अथवा किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

वहीं, प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक राजनीतिक कार्यों, चुनाव प्रचार-प्रसार, मतार्थन एवं अन्य प्रयोजनों के लिए भी लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, इस अवधि में राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं अन्य द्वारा सक्षम अधिकारी से पूर्व स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम स्वीकृति के किसी भी वाहन पर लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि प्रसारण/विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। स्वीकृति प्राप्त होने के बाद भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग धीमी आवाज में किया जाएगा तथा ध्वनि का स्तर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 की अनुसूची में निर्धारित स्तर से अधिक नहीं होगा।

वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाए जाने की स्थिति में अनुमति के लिए प्रस्तुत आवेदन में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन का प्रकार तथा अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल का नाम अंकित किया जाना आवश्यक होगा। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्वीकृति में भी यही विवरण अंकित किया जाएगा। प्राप्त लिखित अनुमति/परमिट को संबंधित वाहन पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, प्रत्याशी अथवा उनके समर्थकों द्वारा चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए किसी वाहन, जुलूस अथवा सार्वजनिक सभा में स्थिर रूप से ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग करने से पूर्व संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित वाहन स्वामी, वाहन चालक, ध्वनि विस्तारक यंत्र के स्वामी एवं संचालक अथवा उल्लंघन के लिए उत्तरदायी किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश 19 अगस्त 2026 से प्रभावी होकर नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।

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