मुकाम से लौट रहे परिवार पर काल बनकर टूटा हादसा, -छह की मौत, दो साल की मासूम जिंदगी और मौत से जूझ रही

ram

बीकानेर। मुकाम धाम से दर्शन कर लौट रहे हरियाणा के एक परिवार पर सोमवार को ऐसा कहर टूटा कि पूरा परिवार उजड़ गया। श्रीडूंगरगढ़ के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार और ट्रक की भीषण भिड़ंत में एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो वर्षीय मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर मौत का ऐसा मंजर दिखाई दिया जिसने राहत कार्य में जुटे लोगों तक को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार हरियाणा के फतेहाबाद जिले के मताना गांव निवासी परिवार मुकाम धाम में दर्शन कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर उन कार की सामने से आ रहे ट्रक से जबरदस्त टक्कर हो र टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में रिटायर्ड सीनियर अकाउंटेंट ओमप्रकाश विश्नोई, उनकी पत्नी सोरमा देवी, बेटी प्रमीला, 11 वर्षीय रोनित पुत्र सुरेंद्र, 10 वर्षीय यशवी पुत्री अमित तथा 6 वर्षीय खुशी पुत्री संदीप सुथार विश्नोई की मौत हो गई। वहीं दो वर्षीय तनवी पुत्री संदीप गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर किया गया।
30 मई को ही हुए थे सेवानिवृत्त
जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश विश्नोई 30 मई को ही फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सीनियर अकाउंटेंट पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार धार्मिक यात्रा पर निकला था, लेकिन वापसी के दौरान हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। मृतकों में ओमप्रकाश, उनकी पत्नी, दो बेटियां, एक दोहती और एक पौते की मौत हुई है।
एक मासूम ही बची जिंदा
कार में कुल सात लोग सवार थे। हादसे के बाद केवल दो वर्षीय तनवी ही जीवित मिली। गंभीर हालत में उसे बीकानेर ट्रोमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे तत्काल आईसीय भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा है। चिकित्सक उसकी हा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मौत का मंजर देख कांप उठे सेवादार
हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में जुटे लोगों ने बताया कि कार इतनी बुरी तरह पिचक चुकी थी कि उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। राहत कार्य कर रहे सेवादारों के अनुसार सड़क पर बिखरा मलबा, क्षतिग्रस्त वाहन और मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन एक महिला और एक बच्ची ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
फोरलेन हाईवे और ट्रोमा सेंटर की कमी फिर बनी चर्चा का विषय
इस भीषण हादसे के बाद एक बार फिर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में फोरलेन हाईवे और ट्रोमा सेंटर की मांग जोर पकडने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है और दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं। इसके बावजूद लंबे समय से घोषित ट्रोमा सेंटर का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया है। राहत कार्य में शामिल लोगों का कहना है कि यदि श्रीडूंगरगढ़ में आधुनिक ट्रोमा सेंटर उपलब्ध होता तो संभवतः अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोडने वाली महिला और बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन से फोरलेन सड़क निर्माण तथा ट्रक सेंटर को शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई है।
पुलिस जांच में जुटी
हादसे की सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर थाने पहुंचाया तथा मृतकों के परिजनों को सूचना दी। शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गया, बल्कि सड़क सुरक्षा और आपात चिकित्सा सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल भी छोड गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *