—राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए उठाए सराहनीय कदम- केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण

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जयपर। केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्टार्टअप तभी आगे बढ़ता है, जब उसको आवश्यक अनुदान और सरकार से समर्थन मिले। इसलिए युवाओं को स्टार्टअप के विचार को धरातल पर उतारने एवं उससे आमजन को लाभान्वित करने के लिए सही दिशा में मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स सेवाओं को बड़े शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक भी ले जाया जाए। इसके लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा नीति और अनुदान की जरूरी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री गुरुवार को आरआईसी में राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कदम उठाए गए हैं। भारत के इनोवेशन ईको सिस्टम में भी राजस्थान बड़ा योगदान दे रहा है। वहीं, प्रदेश के स्टार्टअप्स की उपलब्धियों के बारे में सभी को जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 के बाद वित्तीय समावेशन के लिए देश में पीएम जनधन योजना की शुरूआत की। इसके तहत परिवार के एक सदस्य का बैंक खाता खोलना सुनिश्चित किया गया। आज इन बैंक खातों में किए गए वित्तीय लेन-देन से आमजन को ऋण लेने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्टार्टअप्स फाउंडर्स के साथ बातचीत कर नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने वाले स्टार्टअप विचारों की सराहना की। साथ ही, राजीविका से जुड़ी महिला से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने, नई संभावनाओं को तलाशने और अपने सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव अवसर और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार का संकल्प है। इसे साकार करने की दिशा में युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से बांसवाड़ा में ट्राइबल इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया गया है। प्रदेश में अब इन्क्यूबेशन सेंटर्स की संख्या 10 हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में राजस्थान के स्टार्टअप्स में लगभग 250 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जो अब बढ़कर 1 हजार 54 करोड़ रुपये हो गया है तथा स्टार्टअप्स में रोजगार के अवसर भी 22 हजार से बढ़कर 49 हजार से अधिक हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली और ग्रामीण युवाओं में उद्यमिता एवं नवाचार की सोच विकसित करने के लिए आई-स्टार्ट कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के 33 जिलों तक किया गया है। इसी कड़ी में चयनित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित कर 1 लाख 29 हजार विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि 3 हजार से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में 4 हजार से अधिक आउटरीच सत्र आयोजित हो चुके हैं। पिछले ढाई साल में राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत 4 हजार 828 नए स्टार्टअप पंजीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं और नवाचारकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन, खनन और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में नई तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था के उभरते हुए नए क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों की अपार संभावनाओं को देखते हुए एवीजीसी-एक्सआर नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर के जरिये एआई, एवीजीसी-एक्सआर, गेमिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। जयपुर में अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर हब तथा बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर में क्षेत्रीय केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य राजस्थान को नए, रचनात्मक एवं प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों का प्रमुख राष्ट्रीय एवं वैश्विक केंद्र बनाना है। नवाचार से रोजगार, उद्यमिता से अवसर और तकनीक से राजस्थान के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। एआई के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने के लिए राजस्थान एआई-एमएल नीति 2026 जारी की गई। इसके माध्यम से प्रदेश में एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नवाचार, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के युवा और सरकारी तंत्र को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने के क्रम में युवा एआई फोर ऑल कार्यक्रम के तहत प्रदेश के लगभग 4 हजार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को व्हाट्सऐप के तहत ई-मित्र की 27 श्रेणियों की 51 सेवाएं मिल रही हैं। आने वाले समय में 58 और सेवाओं को चरणबद्ध रूप से व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों में कौशल और विशेषज्ञता विकसित करने के लिए राजस्थान में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जयपुर में ब्रह्मगुप्त सेंटर फोर इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी का संचालन किया जा रहा है। जहां डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान नवाचार, कौशल विकास, एआई, डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा शक्ति और नवाचार को विकसित भारत-2047 का सबसे बड़ा आधार माना है। वे निरंतर युवाओं को समस्याओं का समाधान खोजने और चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए प्रेरित करते हैं। राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षामंत्री रहते हुए सैन्य उपकरणों में देश को आत्मनिर्भर बनाया। आज उनकी अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयां छू रही है।

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