बाल मुकुन्द ओझा
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना श्रावण मास के नाम से जाना जाता है। यह महीना भारतीय संस्कृति में अत्यंत पावन, पवित्र और धार्मिक आस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मानसून की फुहारों के साथ यह महीना न केवल प्रकृति को नवजीवन देता है अपितु जन साधारण को आनंदित भी करता है। भक्ति, शक्ति प्रेम, प्रकृति, त्याग, आशीर्वाद और परंपराओं का संगम सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो गया है जिसका समापन 28 अगस्त को होगा। देश में सावन के महीने को एक त्योहार की तरह मनाया जाता है और इस परंपरा को लोग वर्षों से निभाते चले आ रहे हैं। सावन एक ऐसा पवित्र महीना है, जिसमें संसार बारिश, हरियाली, और भक्ति की पावनता की अनुभूति करता है। सावन के पवित्र महीने में प्रकृति का सौंदर्य और अधिक निखर कर आता है। सावन का महीना प्रकृति का उत्सव है। बारिश की बूंदें धरती को सींचती हैं और नई जान डालती हैं। सावन का महीना जहां भक्ति और उत्सव के लिए जाना जाता है, वहीं यह महीना अपनी हरियाली, ठंडी हवाओं और झीलों में खिलते कमल के फूलों के लिए भी जाना जाता है। इस महीने में प्रकृति का सौंदर्य अपने चरम स्तर पर होता है। सावन में प्रकृति अपने चरम पर होती है। हरियाली चारों ओर फैली होती है और बारिश की बूंदें मन को सुकून देती हैं। सावन में शिवालयों में विशेष भीड़ होती है। भक्तजन जलाभिषेक, व्रत और पूजा-पाठ में लीन रहते हैं। इस महीने में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोकगीत, नृत्य और अन्य कलाओं का प्रदर्शन होता है। सावन का महीना मन को शांत और प्रसन्न करता है। लोगों में एक अलग ही उत्साह और आस्था का संचार होता है।
सावन का महीना भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह बारिश की झड़ी के साथ प्रकृति की गोद में झूलने, भक्ति में डूबने और मन की शांति पाने का समय होता है। सावन आते ही वातावरण तो हरा-भरा हो ही जाता है साथ ही मन भी खुशनुमा रहता है। भीषण गर्मी से राहत देने के साथ ही मानसून चारों तरफ हरियाली लाकर लोगों की आंखों को भी सुकून देता है। सावन महीने से वर्षा ऋतु की शुरूआत होती है जिस वजह से चारों तरफ हरियाली छा जाती है। मैदान से लेकर पहाड़ तक हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं। प्रकृति के सौंदर्य का यह नजारा वाकई अद्भभुत होता है। सावन का महीना खुद को प्रकृति से जोड़ने का महीना होता है। इसलिए लोग हरा रंग पहन कर अपने आप को प्रकृति से जोड़ते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन आने पर हर तरफ हरियाली छा जाती है। जो ना सिर्फ आंखों को खुश करती है बल्कि आपके मन को भी शांति प्रदान करती है। सावन माह कई दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह व्रत और त्योहारों का माह तो है ही साथ ही लोगों को गर्मी के कहर से राहत देता है। झमाझम बरसात के लिए लोग लंबे समय तक इंतजार करते हैं। इस सुहाने मौसम में खुश होकर कई त्योहार मनाते हैं। सावन के महीने में बहुत बरसात होती है जिससे मौसम सुहावना हो जाता है। देश के हर राज्य में बारिश हो चुकी है। किसानों के लिए यह माह वरदान के सामान है। लोग ऐसे ही वक्त पर अपने परिवार के साथ बाहर घूमते हैं और सावन के खुशनुमा मौसम का आनंद लेते हैं। सावन के महीने में हर तरफ हरियाली छा जाती है और मौसम ठंडा हो जाता है। सावन के महीने में वायु की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है। सुहाने मौसम के साथ सावन मास का आना सब दृष्टियों से मन को लुभाने वाला था।
भारत त्योहारों और पर्वों का देश है। यहाँ हर महीने रंगीले त्योहार मनाये जाते है मगर सावन माह इनमें अलग और अनूठा है। भगवान शिव की पूजा-आराधना और मनोकामना की पूर्ति के लिए सावन का महीना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। भीषण गर्मी के बाद सावन का महीना तन मन को हर्षित करता है। सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली रहती है। सावन सोमवार में शिवलिंग का जलाभिषेक,बेलपत्र और भोलेनाथ की पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। सावन मास में बारिश के आगमन से धरती का कोना-कोना हरा-भरा होकर खिल उठता है। इस महीने में चारों तरफ हरियाली छा जाती है मानो प्रकृति ने फिर से जन्म लिया हो, और सृष्टि का फिर से निर्माण हो रहा हो, पूरा वातावरण झूमने लगता है, प्रकृति फिर से सुंदर हो जाती है, सब को लुभाने लगती है।

अध्यात्म प्रकृति और उत्सव का संगम है सावन का महीना
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