जयपुर। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि कैंसर से लड़ने और विजय प्राप्त करने के लिए मस्तिष्क से मजबूत रहना जरूरी है। उन्होंने कैंसर से बचाव के लिए विशेष रूप से युवाओं से नशीले पदार्थों और तंबाकू आदि से दूर रहने का आह्वान किया।उन्होंने कैंसर से बचाव हेतु व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कैंसर उपचार के अंतर्गत कीमोथेरेपी जैसी कठिन उपचार विधि के स्थान पर नवीनतम चिकित्सा अनुसन्धानों में टैबलेट के जरिए उपचार की पहल उत्साहजनक है। उप राष्ट्रपति शनिवार को कैंसर सोसाइटी द्वारा आयोजित समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शुद्ध पानी की उपलब्धता सबके लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष कैंसर के रोगी बढ़ रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत कैंसर के उपचार के तहत कैंसर रोगियों को प्रति वर्ष पांच लाख तक का नि:शुल्क इलाज मिलता है। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी, और रेडियोथेरेपी जैसे प्रमुख कैंसर उपचार शामिल हैं। यह योजना देश भर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट, फेफड़े, और मुंह के कैंसर सहित अन्य प्रकारों के इलाज को कवर करती है। गरीब मरीजों के इलाज के लिए एकमुश्त 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत भी ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत राशि का व्यय कैंसर बचाव हेतु किया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर इस समय देश में द्वितीय सबसे अधिक होने वाला कैंसर है। इसके बचाव हेतु वेक्सिनेशन के साथ उपचार के लिए कारगर प्रयासों की पहल केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान कैंसर से लड़कर उससे मुक्त होने वालों में अग्रणी है। जो लोग कैंसर से लड़कर आज यहां उपस्थित हैं, वे प्रेरणा देने वाले हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा की जिस तरह से टीबी मुक्त अभियान चलाकर उससे मुक्ति के प्रभावी प्रयास हुए हैं, उसी तरह कैंसर मुक्त राजस्थान अभियान चलाकर प्रभावी प्रयास किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह चिकित्सक नहीं है परंतु पढ़ा है और लोगों से निरंतर मिलकर जाना है कि कोशिका तंत्र में विकार ये फिर आनुवांशिकी से भी कैंसर प्रकरण सामने आते हैं। बागडे ने कहा कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट वालों को कैंसर अधिक होता है। इसलिए इनसे बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनजातीय बाहुल्य जिलों के साथ का शोध किया जाए तो पता चलेगा वहां कैंसर के मरीज कम होते हैं। प्राकृतिक वातावरण जीवन को ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि जल में घुलने वाले केमिकल, खेती में रसायनिक उर्वरकों के उत्पादों से कैंसर होता है। इसलिए आम जन को शुद्ध पानी, केमिकल मुक्त उत्पाद कैसे मिले, इस पर अधिकाधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि कैंसर जागरूकता के लिए प्रभावी प्रयास जरूरी है। उन्होंने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। इससे पहले उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल बागडे तथा चिकित्सा मंत्री खींवसर ने कैंसर सर्वाइवर से सम्बन्धित फिल्म का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डा. राधामोहन अग्रवाल एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

नवीनतम चिकित्सा अनुसन्धानों में कीमोथेरेपी की बजाय टैबलेट के जरिए उपचार की पहल उत्साहजनक -उप राष्ट्रपति
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