डीग। राज्य सरकार के मंशानुरूप सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन को स्थानीय स्तर पर राहत पहुँचाने और उनके आशियाने को वैधानिक संबल प्रदान करने के लिए आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 ग्रामीणों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को उपखण्ड कामां की पंचायत समिति कामां के अंतर्गत ग्राम पंचायत पल्ला में शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ प्रशासन की मुस्तैदी और संवेदनशीलता के चलते एक ही गांव के दो जरूरतमंद परिवारों का अपने स्वयं के घर का वैध मालिकाना हक पाने का बरसों पुराना इंतजार एक ही दिन में समाप्त हो गया। दोनों लाभार्थियों को मौके पर ही ऑन-द-स्पॉट आवासीय पट्टे सुपुर्द कर राहत दी गई। शिविर में सुखद संयोग देखने को मिला, जहाँ एक ही गांव के दो परिवारों की बरसों पुरानी पीड़ा का समाधान एक ही छत के नीचे एक साथ हुआ। पल्ला निवासी महेन्द्र पुत्र बबलेश गुर्जर अपने पैतृक मकान का पट्टा प्राप्त करने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। शिविर में उनका आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व अधिकारियों की टीम ने सजगता दिखाते हुए पात्रता की जांच की और त्वरित विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर मौके पर ही उन्हें आवासीय पट्टा सुपुर्द कर दिया। इसी परिसर में सफलता की ऐसी ही दूसरी समानांतर कहानी पल्ला गांव के ही एक अन्य परिवार की खुशियों के रूप में दर्ज हुई। स्थानीय निवासी महावीर पुत्र बृजी गुर्जर को भी उनके आवासीय मकान का पट्टा प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए शिविर में ही जारी कर सौंपा गया। बिना किसी दफ्तर की दौड़-भाग और जटिल तकनीकी अड़चनों के अपने ही गांव में आयोजित शिविर के भीतर घर का मालिकाना हक मिल जाने से महावीर के परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्हें भविष्य की एक बड़ी सुरक्षा और स्वामित्व का अहसास प्राप्त हुआ। ग्राम पंचायत पल्ला के भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र पर आयोजित इस शिविर में एक ही दिन में गांव के दो जरूरतमंद परिवारों को अपने आशियाने का हक मिलने से पूरे ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। समाज के अंतिम पंक्ति के नागरिकों को संबल प्रदान करने और उनकी बुनियादी विधिक समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने की इस अनूठी पहल के लिए उपस्थित समस्त ग्रामीणों व लाभार्थियों ने राज्य सरकार एवं स्थानीय उपखंड प्रशासन की पारदर्शी व जन-हितैषी कार्यशैली की सराहना करते हुए सहृदय आभार व्यक्त किया।

ग्रामीण सेवा शिविर : कामां के पल्ला गांव में एक ही दिन दूर हुई दो परिवारों की चिंता, मौके पर मिले पैतृक आशियाने के पट्टे
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