सीड बैंक के विकास से हरित भविष्य की ओर अग्रसर चूरू

ram

चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित हरियालो राजस्थान अभियान अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं हरित आवरण में वृद्धि के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चूरू जिले में वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के “हरित राजस्थान” संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्थानीय व देशज प्रजातियों के घास व पौधों के संरक्षण— संवर्धन के लिए सीड बैंक तैयार किए जा रहे हैं। इन सीड बैंक से स्थानीय एवं देशज प्रजातियों के संरक्षण— संवर्धन के महत्वाकांक्षी प्रयास जिले में विभाग स्तर पर किए गए हैं।

डीएफओ भवानी सिंह ने बताया कि चूरू जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 16,831 वर्ग किलोमीटर है, जबकि वन क्षेत्र मात्र 0.48 प्रतिशत है। ऐसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों वाले जिले में हरित क्षेत्र का विस्तार एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। जिले के प्राकृतिक वन क्षेत्रों में मुख्य रूप से कुमठा (अकासिया सेनेगल), खेजड़ी, देशी बबूल, अकेशिया टोर्टिलिस, जाल, बेर तथा विभिन्न झाड़ी प्रजातियां प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं। जिला मुख्यालय स्थित लगभग 25.71 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले जीएलआई क्षेत्र को नेचर पार्क के रूप में विकसित एवं संरक्षित किया गया है। इस संरक्षण एवं सुनियोजित वृक्षारोपण के परिणामस्वरूप यहां कुमठा (अकासिया सेनेगल) की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे यह क्षेत्र कुमठा बीज के आदर्श सीड बैंक के रूप में विकसित हो चुका है।

उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा इस क्षेत्र से कुमठा के गुणवत्तापूर्ण बीजों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण किया जा रहा है। इन बीजों का उपयोग जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष बीजारोपण तथा वन सीमाओं पर वेजिटेटिव फेंसिंग के माध्यम से हरित आवरण बढ़ाने एवं प्राकृतिक पुनर्जनन को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जीएलआई क्षेत्र में धामण घास की प्रचुर उपलब्धता होने से इसके बीजों का भी संग्रहण किया जा रहा है। इन बीजों का उपयोग अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में ग्रास सीड सोइंग के माध्यम से चारागाह विकास, भूमि संरक्षण तथा जैव विविधता संवर्धन के लिए किया जा रहा है। इससे मिट्टी संरक्षण, वर्षा जल का बेहतर संचयन तथा स्थानीय वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक आवास सुदृढ़ हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरित राजस्थान के संकल्प के साथ मिशन हरयाळो राजस्थान के माध्यम से प्रदेश में व्यापक स्तर पर पौधारोपण, स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण तथा जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियान को विशेष प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी दीर्घकालीन सुरक्षा, प्राकृतिक पुनर्जनन तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है। चूरू जिले में विकसित यह सीड बैंक इसी दूरदर्शी सोच का एक प्रभावी उदाहरण है, जो भविष्य में प्रदेश के शुष्क क्षेत्रों में हरित विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *