भीलवाड़ा। जिले के जहाजपुर ब्लॉक की निवासी रेखा देवी सैन ने राजीविका मिशन से जुड़कर अपने जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली रेखा देवी ने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। वर्तमान में वे तेजाजी स्वयं सहायता समूह, बजरंगबली ग्राम संगठन (वीओ) तथा खजूरी क्लस्टर स्तरीय महासंघ (सीएलएफ) से जुड़कर डाटा एंट्री सखी के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
राजीविका मिशन से जुड़ने से पूर्व रेखा देवी की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति सामान्य थी। सीमित आय और तकनीकी कौशल के अभाव के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके पास नियमित रोजगार अथवा स्थायी आय का कोई विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध नहीं था।
राजीविका के माध्यम से उन्हें तकनीकी क्षमता विकास एवं डाटा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें खजूरी सीएलएफ में डाटा एंट्री सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। वर्तमान में वे डिजिटल अभिलेखों का संधारण एवं एमआईएस (MIS) पोर्टल पर डाटा प्रविष्टि का दायित्व दक्षतापूर्वक निभा रही हैं। इस कार्य के दौरान विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय मार्गदर्शन भी निरंतर उपलब्ध कराया गया।
डाटा एंट्री सखी के रूप में कार्य करने से रेखा देवी की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। इस परिवर्तन ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है तथा परिवार और समुदाय में उनकी एक अलग पहचान स्थापित की है। आज वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।


