राजस्थान का श्रीगंगानगर देश में सबसे गर्म, स्कूल टाइम बदले

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जयपुर। राजस्थान में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है और सूरज के तीखे तेवर आमजन के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। गुरुवार को श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

लगातार बढ़ती गर्मी और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

भीषण गर्मी के चलते राज्य सरकार और प्रशासन को भी कदम उठाने पड़े हैं। जयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर और दौसा सहित कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। वहीं मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने पांच जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।

गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी साफ नजर आने लगे हैं। अजमेर में तेज गर्मी के कारण पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। आनासागर झील के किनारे सन्नाटा पसरा है और पर्यटकों की कमी से स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं उदयपुर में फतहसागर झील के आसपास भीड़ कम हो गई है और बाजारों में सुस्ती देखी जा रही है।

जोधपुर में गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों की भीड़ जूस और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर उमड़ रही है, जबकि कोटा में तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने के कारण यह सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया।

सीकर और अलवर में भी लू का असर जारी है और अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम हैं।

बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहा और तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चलती रहीं। हालांकि मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 25 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बीकानेर, भरतपुर और अन्य संभागों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

फिलहाल, प्रदेश में गर्मी का यह दौर आमजन के लिए चुनौती बना हुआ है। प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

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