600 करोड़ से बढ़कर 10,228 करोड़ रुपए पहुंचा राजस्थान का रेलवे बजट, सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता: अश्विनी वैष्णव

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जयपुर। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्थान में रेलवे विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश मिला है, जिससे राज्य में रेल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साल 2014 से पहले राजस्थान के लिए रेलवे बजट लगभग 600 करोड़ रुपए हुआ करता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बजट में लगातार वृद्धि की गई और आज राजस्थान को रेलवे के लिए 10,228 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड आवंटन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस बढ़े हुए निवेश का सीधा लाभ राज्य के यात्रियों और रेलवे ढांचे को मिला है। राजस्थान में रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राजस्थान में लगभग 450 रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें से 200 से अधिक स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म ऊंचा करने, प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने, यात्रियों के लिए पूर्ण शेड और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है।
इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के करीब 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। जयपुर रेलवे स्टेशन का काम भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है, और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
वैष्णव ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान को कई नई ट्रेन सेवाएं मिली हैं। बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर सहित विभिन्न शहरों से नई अमृत भारत और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि जयपुर सांसद की मांग पर शुरू की गई दरभंगा-अजमेर ट्रेन सेवा को भी जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। वर्तमान में साप्ताहिक रूप से संचालित यह ट्रेन अगले दो महीनों के भीतर दैनिक सेवा में बदल दी जाएगी, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
वैष्णव ने बताया कि जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी अत्याधुनिक लैब विकसित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से युवाओं को नई तकनीकों की बेहतर जानकारी और प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जयपुर में एआई डेटा सेंटर और उससे जुड़ी सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जाएगा, जिससे राजस्थान को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी तथा राज्य में रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार करना नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसरों के जरिए राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। रेलवे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती तकनीकों में निवेश राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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