जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट को नया नियमित मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें नियमित मुख्य न्यायाधीश होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राष्ट्रपति भवन से उनकी नियुक्ति का वारंट भी जारी कर दिया गया है। नियुक्ति वारंट जारी होने के साथ ही जस्टिस संजय के. अग्रवाल के राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल जल्द ही राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालेंगे। उनके शपथ ग्रहण का समारोह राजभवन में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्यपाल उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब राजस्थान हाईकोर्ट में प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा का दौर चल रहा है। ऐसे में एक नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को हाईकोर्ट के प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 31 अगस्त को कॉलेजियम ने की थी सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त को जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी और अब राष्ट्रपति भवन से नियुक्ति का वारंट भी जारी कर दिया गया है। इस तरह उनकी नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। जस्टिस अग्रवाल के पास न्यायिक कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी लंबा अनुभव है, जिसे राजस्थान हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रतनपुर में हुआ जन्म, बिलासपुर और रायपुर से की उच्च शिक्षा जस्टिस संजय के. अग्रवाल का जन्म 15 जुलाई 1965 को रतनपुर, बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रतनपुर से हासिल की। इसके बाद उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से एलएलएम की डिग्री हासिल की। कानूनी क्षेत्र में कदम रखते हुए उन्होंने 3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर जिला एवं सत्र न्यायालय, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वकालत की। वकालत के दौरान सिविल और संवैधानिक कानून उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे। कई प्रमुख संस्थानों और सरकारी निकायों की अदालत में की पैरवी लंबे कानूनी करियर के दौरान जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अलावा कई प्रमुख संस्थानों, सरकारी निकायों और कॉरपोरेट समूहों की ओर से भी अदालत में पैरवी की। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), बार काउंसिल ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), Canara Bank, BPCL, IOCL और SAIL समेत कई प्रमुख संस्थानों का पक्ष अदालत में रखा। उनके व्यापक कानूनी अनुभव में सिविल एवं संवैधानिक मामलों के साथ विभिन्न संस्थागत और सरकारी मामलों की पैरवी भी शामिल रही। लंबे समय तक वकालत करने के बाद उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में प्रवेश किया और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाली। छत्तीसगढ़ के डिप्टी एडवोकेट जनरल और एडवोकेट जनरल रहे जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने न्यायाधीश बनने से पहले छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वपूर्ण कानूनी पदों पर भी काम किया। उन्होंने 1 मार्च 2002 से 29 फरवरी 2004 तक छत्तीसगढ़ के डिप्टी एडवोकेट जनरल के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 25 जून 2012 को उन्हें छत्तीसगढ़ का एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया। न्यायाधीश बनने तक उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी निभाई। अब राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक एवं न्यायिक कामकाज को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है। शपथ ग्रहण के बाद वे राजस्थान हाईकोर्ट के नियमित मुख्य न्यायाधीश के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे।

राजस्थान हाईकोर्ट को मिला नया नियमित मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस संजय के. अग्रवाल की नियुक्ति को केंद्र की मंजूरी
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