चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में संचालित मोबाइल वेटरनरी वैन टोल फ्री सेवा–1962 ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। यह सेवा पशुपालकों के लिए संबल बनकर उभर रही है, जिससे उन्हें घर बैठे ही विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है चूरू जिले के सरदारशहर उपखंड के ग्राम पिचकराई टिब्बा निवासी पशुपालक पवन सहारण का, जिनके पशुधन को घर पर ही त्वरित एवं निःशुल्क उपचार मिला और पशुधन की जान बच सकी।
पशुपालक पवन सहारण बताते हैं कि सोमवार, 13 जुलाई, 2026 को उनकी गाय अचानक बीमार हो गई। राजकीय पशु चिकित्सा संस्थान घर से काफी दूर होने के कारण उन्होंने राज्य सरकार की 1962 टोल फ्री सेवा पर सूचना दर्ज कराई। सूचना दर्ज होने के कुछ ही समय बाद क्षेत्र में कार्यरत मोबाइल वेटरनरी वैन चिकित्सकीय दल सहित उनके घर पहुंची। पशु चिकित्सक ने जांच के बाद गाय में सामान्य अपच (सिम्पल इंडाइजेशन) की समस्या की पहचान की तथा मौके पर ही आवश्यक दवाइयों से उसका निःशुल्क उपचार किया। समय पर उपचार मिलने से गाय शीघ्र स्वस्थ हो गई।
पवन सहारण बताते हैं कि इस सेवा के कारण उन्हें उपचार के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ा और न ही किसी प्रकार का आर्थिक व्यय करना पड़ा। घर पर ही त्वरित एवं निःशुल्क उपचार मिलने से उनका समय और धन दोनों की बचत हुई तथा उनका पशुधन सुरक्षित रहा।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित इस जनकल्याणकारी पहल के लिए राजस्थान सरकार एवं पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोबाइल वेटरनरी वैन टोल फ्री सेवा–1962 ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। उन्होंने अधिक से अधिक पशुपालकों से आवश्यकता पड़ने पर इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाने की भी अपील की।



