नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत करने के बजाय शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबा रही है। एक्स पर एक पोस्ट में बनर्जी ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई और कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत और भलाई को लेकर मैं बहुत चिंतित हूं। उन्होंने सिर्फ बातचीत की मांग की थी, लेकिन हफ्तों से उनकी अपील पर कोई जवाब नहीं दिया गया है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण असहमति पर बातचीत होनी चाहिए, न कि चुप्पी साधी जानी चाहिए। बनर्जी ने आरोप लगाया कि वांगचुक की आवाज़ को, कई युवा भारतीयों की आवाज़ की तरह ही, नज़रअंदाज़ किया गया है। उन्होंने कहा उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया है, ठीक वैसे ही जैसे अनगिनत युवा भारतीयों की आवाज़ को लगातार नज़रअंदाज़ किया जाता रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाज़त दी जाए और कहा कि अगर ज़रूरत हो तो नागरिक इसका खर्च उठाने के लिए आज़ाद होने चाहिए। बनर्जी ने कहा कि उन्हें प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाज़त मिलनी चाहिए और अगर ज़रूरत हो तो नागरिक इसका खर्च उठाने के लिए आज़ाद हों। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि जनता का भरोसा पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से बनता है, न कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने या बातचीत से इनकार करने से।

Mamata Banerjee का केंद्र पर प्रहार, Sonam Wangchuk के बहाने कहा – Democracy में बातचीत ही एकमात्र रास्ता
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