जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे शनिवार को अस्वस्थ चल रही 97 वर्षीय पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह की मिजाजपुर्सी करने उनके सी-स्कीम स्थित निवास पर पहुची तो दोनों के बीच पुरानी स्मृतियों को लेकर लंबी चर्चा हुई।वहाँ उपस्थित लोगों के बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती सिंह ने कहा कि वसुन्धरा जी का कार्यकाल नारी शक्ति को समर्पित रहा,जो कई मायनों में याद रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि इनके 2003 से 2008 के कार्यकाल में राजस्थान में तीन देवियां पहली बार प्रदेश के सर्वोच्च पदों पर आसीन थी। 8 दिसंबर,2003 को वसुन्धरा जी राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी।मुझे भी इन्होंने 20 जनवरी,2004 को प्रदेश की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष बनने का गौरव प्रदान किया।उसी कालखंड में 8 नवंबर 2004 को राजस्थान में पहली महिला राज्यपाल श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल बनी।त्रिवेणी संगम का ये दुर्लभ और सुखद संयोग था,जो अन्य किसी भी प्रदेश में आज तक देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसीलिए महिलाओं की तरक्की के लिए उस वक्त महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाने वाली दुनिया में पहली भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना,महिलाओं को पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूटी-साइकिल योजना जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय हुए,जो देश के लिए उदाहरण बने।श्रीमती राजे ने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

‘राजस्थान के तीनों सर्वोच्च पदों पर पहली बार आसीन हुई तीन देवियाँ’
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