जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट में निवेशकों के साथ एमओयू निष्पादित होने के पश्चात् मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि ये सभी समझौते जमीनी स्तर पर वास्तविक निवेश में परिवर्तित होंगे। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा नई नीतियां लागू की जा रही हैं तथा पुरानी नीतियों का सरलीकरण भी किया जा रहा है। निवेश को धरातल पर लाने के लिये रीको द्वारा मार्च-2025 में प्रत्यक्ष आवंटन योजना लागू की गई जिससे निवेशकों को उद्योग स्थापित करने हेतु कम लागत पर औद्योगिक भूखण्ड उपलब्ध कराये जा सकें। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1662 भूखण्डों के लिए आवंटन/ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। रीको द्वारा प्रत्यक्ष आवंटन योजना का दसवां चरण 1 मई 2026 से प्रारंभ होगा। निवेशक 14 मई 2026 तक ईएमडी जमा कर आवेदन कर सकेंगे। उद्यमियों की सहुलियत के लिये प्रत्यक्ष आवंटन योजना में प्रमुख बदलाव किया गया है। पूर्व में उद्यमी को योजना में भाग लेने के लिये चरण प्रारंभ होने से पंद्रह दिन पूर्व राज्य सरकार के साथ एमओयू निष्पादित करना होता था परंतु अब चरण प्रारंभ होने के पश्चात् भी निवेशक ईएमडी जमा कराने की अंतिम तिथि तक एमओयू करके योजना में भाग ले सकते हैं। योजना के दसवें चरण में निवेशकों को 103 औद्योगिक क्षेत्रों के 5500 से अधिक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से बड़गॉंव (आबूरोड), रूंध सोंखरी (अलवर), आईटी पार्क, माकड़वाली (अजमेर), बोरावास कलावा प्रथम चरण, स्पेशल पार्क (बालोतरा), फतेहपुरा-समेलिया (भीलवाड़ा), पाथरेडी व सलारपुर (भिवाड़ी), सेरेमिक पार्क, गजनेर (बीकानेर), मंडा द्वितीय चरण, माथासुला, थौलाई, तुंगा (जयपुर), स्टोन पार्क, वाटर रिसाइकलिंग पार्क गुंडी फतेहपुर (कोटा), गणेश्वर (सीकर) और कछालिया, बूंदी (कोटा) इत्यादि औद्योगिक क्षेत्रों सम्मिलित हैं। निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए रीको ने योजना की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। प्रस्तावित दसवें चरण की ई-लॉटरी का आयोजन 19 मई 2026 को किया जाएगा। जिन भूखण्डों के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होगा, उन्हें सीधे आवंटन होगा जबकि एक से अधिक आवेदन होने पर ई- लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 के नौवें चरण में 213 भूखण्डों के लिए 327 आवेदन प्राप्त हुए थे। अब तक के नौ चरणों में 1662 भूखण्ड आवंटित/ऑफर लेटर जारी किये जा चुके हैं जिनका क्षेत्रफल लगभग 437 हेक्टेयर तथा इन भूखण्डों का मूल्य 2500 करोड़ रुपये से अधिक है। इन पर स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से राज्य में लगभग 18,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है।
कम लागत, पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया से निवेशकों का बढ़ा भरोसाः रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का दसवां चरण 1 मई से
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