लेह- लद्दाख यात्रा सनातन, आध्‍यात्‍म व राष्‍ट्रवाद का अदभुत संगम : देवनानी

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी प्रथम सिंधु कुम्‍भ में शामिल होने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर लेह-लद्दाख जायेंगे। जहां वे सिंधु घाट पर सिंधु नदी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश व देश की खुशहाली की कामना करेंगे। देवनानी बुधवार, 24 जून को लेह-लद्दाख में आयोजित सिंधु दर्शन यात्रा कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। प्रथम सिंधु कुम्‍भ 22 से 27 जून तक लेह-लद्दाख में हो रहा है। सिंधु दर्शन यात्रा के 30वें वर्ष को प्रथम सिंधु कुम्‍भ के रूप में मनाया जा रहा है। लेह-लद्दाख में इस पांच दिवसीय कुम्‍भ में सांस्‍कृतिक, आध्‍यात्मिक तथा राष्‍ट्रीय एकता कार्यक्रमों के साथ-साथ सिंधु स्‍नान, बहराणा साहिब व प्रकृति का अनुपम सौन्‍दर्य देखा जा सकता है।
देवनानी सिंधु नदी की पूजा करेंगे
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्पीकर देवनानी 24 जून को प्रातः दिल्‍ली से वायुयान द्वारा रवाना होकर लेह पहुंचेंगे। जहां वे सिंधु घाट पर सिंधु नदी की पूजा करेंगे। लेह में आयोजित सिंधु दर्शन यात्रा कार्यक्रम में भी देवनानी सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत वे सिंधु दर्शन, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
लेह- लद्दाख यात्रा सनातन, आध्‍यात्‍म और राष्‍ट्रवाद का अदभुत संगम
देवनानी ने कहा कि लेह- लद्दाख यात्रा सनातन, आध्‍यात्‍म और राष्‍ट्रवाद का अदभुत संगम है। यह सिंधु नदी की उत्‍पत्ति, प्राचीन बौद्ध संस्‍कृति और हिमालय के दुर्गम वातावरण में आत्‍म शांति का समागम है। सिंधु नदी, वही पवित्र नदी है, जहां के तट पर वेदों की रचना हुई और सनातन संस्‍कृति विकसित हुई। ऋषि-मुनियों की तपस्‍या से यह ऊर्जावान स्‍थल बन गया है।
लद्दाख के कण-कण में भारतीय सेना का सर्वोच्‍च बलिदान समाहित
देवनानी ने कहा कि लद्दाख के कण-कण में भारतीय सेना का सर्वोच्‍च बलिदान समाहित है। यह स्‍थल देश भक्ति की प्रेरणा का स्‍त्रोत है। यहां आकर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों को सलाम करना, एक राष्‍ट्र भक्‍त के लिए तीर्थ यात्रा होती है। सिंधु नदी हमारी सांस्‍कृतिक पहचान है।
प्रमुख स्थलों का भ्रमण भी करेंगे
स्पीकर देवनानी लेह-लद्दाख क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। सिंधु दर्शन यात्रा भारतीय सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय चेतना एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसमें देशभर से श्रद्धालु एवं गणमान्यजन भाग लेते हैं। देवनानी गुरुवार, 25 जून को लेह से प्रस्थान कर नई दिल्ली होते हुए जयपुर पहुंचेंगे।
लद्दाख विश्‍वविद्यालय में आयोजित राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी को सम्‍बोधित करेंगे देवनानी
स्‍पीकर देवनानी लेह स्थित लद्दाख विश्‍वविद्यालय में आयोजित विश्‍व शांति और भारतीय दर्शन विषयक एक दिवसीय राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी का उद्घाटन करने के पश्‍चात इसे सम्‍बोधित करेंगे। संगोष्‍ठी में देवनानी विश्‍व शांति में भारत की भूमिका और सांस्‍कृतिक मूल्‍य पर अपने विचार रखेंगे।
देशभर के लोग भाग लेंगे
गुरू जम्‍भेश्‍वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय हिसार, हिमालय परिवार एवं सिंधु दर्शन यात्रा समिति द्वारा लद्दाख वि‍श्‍वविद्यालय लेह में आयोजित इस राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी में देश भर से लोग भाग ले रहे हैं। संगोष्‍ठी में भारत के प्राचीन सांस्‍कृतिक मूल्‍यों के आधार पर विश्‍व शांति, प्राचीन भारतीय संस्‍कृति एवं उसका शांति संदेश, सर्व धर्म का विश्‍व शांति में योगदान, भगवान बुद्ध का वैश्विक शांति में योगदान, अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मंच पर भारत की सशक्‍त उपस्थिति, युवाओं की भूमिका एवं उत्‍तरदायित्‍व, युद्ध, संघर्ष एवं आतंकवाद की चुनौतियां, पर्यावरणीय एवं सामाजिक संकट, योग एवं विश्‍व शांति‍ की अवधारणा, भारतीय संस्‍कृति का विश्‍व संचार और युद्ध से महावीर स्‍वामी, गौतम बुद्ध, गुरू नानक जैसे विषयों पर आयोजित पैनल चर्चा में देश भर के विद्वान अपने विचार व्‍यक्‍त करेंगे।

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