वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और उनका प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करने वाले हैं। इसके लिए अमेरिका की ओर से भी इजाजत दे दी गई है। दरअसल, न्यूयॉर्क में अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई-लेवल बैठक होनी है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के नेताओं को अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय बैठकों में शामिल होने की इजाजत देने पर सहमति जताई है। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, “मेजबान देश के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों के मुताबिक, ईरानी सरकार के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
समाचार एजेंसी ‘यूएनबी’ ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि ईरानी राष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल की इस न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान उन पर यात्रा संबंधी पाबंदियां रहेंगी। अमेरिकी विदेश विभाग की नीति के अनुसार उन पर लग्जरी और अन्य सामान खरीदने पर रोक होगी।
द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल को यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज दिए जाने का मतलब है कि उसके सदस्य संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा ले सकेंगे, जो मंगलवार से शुरू हो रही है। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय सप्ताह का 81वां सत्र होने वाला है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे।
इससे पहले की अमेरिकी सरकारें आम तौर पर दुनिया के नेताओं को इन उच्च स्तरीय बैठकों में शामिल होने के लिए वीजा देती रही हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह फिलिस्तीनी प्राधिकरण और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के सदस्यों के वीजा या तो रद्द कर रहा है या उन्हें वीजा देने से इनकार कर रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को छह महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। इस वर्ष की शुरुआत में 28 फरवरी को यह युद्ध शुरू हुआ था। इस दौरान अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला बोला था। ईरान की ओर से लगातार उन हमलों को जवाब दिया गया। इस जवाबी कार्रवाई में ईरान ने उन खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया, जो कि वैश्विक ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
इस युद्ध के बाद से अब तक खाड़ी में तनाव की स्थिति मौजूद है। इस संघर्ष का असर वैश्विक रूप से महसूस किया गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से विश्व के कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग के बंद होने से तमाम देशों को होने वाली गैस और तेल की सप्लाई बाधित हुई है।

भीषण युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का न्यूयॉर्क दौरा, शर्तों के साथ अमेरिका ने दी इजाजत
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