जयपुर। अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस (19 सितंबर) के अवसर पर आमजन को सर्पदंश से बचाव, उचित प्राथमिक उपचार एवं समय पर चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को संयुक्त निदेशक, जोन जयपुर डॉ. यदुराज सिंह नाथावत ने जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर संस्थापन अधिकारी बबलेश आर्य समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत और सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि राष्ट्रीय सर्पदंश विषाक्तता निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NPSE) के अंतर्गत आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य सर्पदंश जैसी गंभीर, किंतु रोकथाम योग्य जनस्वास्थ्य समस्या के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना है। सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय प्रभावित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक, घरेलू उपचार एवं अंधविश्वास में समय गंवाना जानलेवा हो सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि सर्पदंश होने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।
डिप्टी सीएमएचओ (हैल्थ) प्रथम डॉ. विनोद कुमार शर्मा और डिप्टी सीएमएचओ (हैल्थ) द्वितीय डॉ. सुरेन्द्र गोयल ने बताया कि वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस की थीम “सर्पदंश से बचे व्यक्ति एवं रेस्क्यूर्स: बदलाव के चैंपियन” रखी गई है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों, सर्पदंश से बचे व्यक्तियों तथा प्रमाणित एवं मान्यता प्राप्त सर्प रेस्क्यूर्स की सहभागिता से अनुभव साझा करने एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। सर्पदंश के बाद समय पर उचित चिकित्सा उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है।



