जयपुर। भारत के पहले आधुनिक पेट पैरेंटिंग इकोसिस्टम वॅगर (वॅगर) ने भारत में पालतू पशुओं की देखभाल को एक नई पहचान देते हुए देश के पहले आधुनिक पेट पैरेंटिंग इकोसिस्टम की शुरुआत की है। तेजी से बढ़ते लेकिन बिखरे हुए पेट केयर बाजार में वॅगर) का आगमन एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है।ऐसे समय में जब पेट पैरेंट्स अपने पालतू पशुओं के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एकीकृत समाधान तलाश रहे हैं, वॅगर उत्पादों, विश्वसनीय जानकारी और एक सशक्त समुदाय को एक ही मंच पर जोड़कर एक समग्र इकोसिस्टम उपलब्ध कराता है। वॅगर) के प्रमोटर श्री फ्रेडुन मेधोरा ने कहा,”पिछले एक दशक में भारत में पालतू पशुओं के साथ लोगों का संबंध काफी विकसित हुआ है। आज पालतू पशु परिवार का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं और पेट पैरेंट्स अपनी इस यात्रा के दौरान अधिक भरोसे, सही जानकारी तक आसान पहुंच और निरंतर सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। स्वयं एक पेट पैरेंट होने के नाते मैंने पेट केयर उद्योग की मौजूदा व्यवस्था में मौजूद चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। इससे हमें यह समझने में मदद मिली कि इस क्षेत्र के विकास का अगला चरण केवल अलग-अलग सेवाओं या उत्पादों से नहीं, बल्कि पालतू पशुओं और उनके अभिभावकों की आवश्यकताओं के अनुरूप एक एकीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने से संचालित होगा। वॅगर की स्थापना इसी सोच और दृष्टिकोण के साथ की गई है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा विश्वसनीय मंच बनाना है, जो पेट पैरेंट्स को सही उत्पादों, भरोसेमंद जानकारी और सार्थक सामुदायिक जुड़ाव तक पहुंच प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाए, साथ ही उनकी बदलती जरूरतों के साथ लगातार विकसित होता रहे। समय के साथ हम वॅगर को हर पेट पैरेंट की यात्रा का एक अनिवार्य हिस्सा और भारत में पेट केयर का पर्याय बनने वाला एक भरोसेमंद घरेलू नाम बनाने की आकांक्षा रखते हैं।”पेट-फर्स्ट और पैरेंट-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, वॅगर का उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को सरल बनाना तथा विश्वसनीय समाधानों तक पहुंच को बेहतर बनाना है। इसके माध्यम से पेट पैरेंट्स अपने पालतू पशुओं को सर्वोत्तम देखभाल प्रदान कर सकेंगे, साथ ही एक मजबूत, अधिक जुड़ा हुआ और सहयोगी पेट पैरेंटिंग समुदाय भी विकसित होगा।
भारत को मिला बहुप्रतीक्षित पेट पेरेंटिंग मंच वॅगर
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