जयपुर। राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप रीको लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में उद्यमियों और निवेशकों को पारदर्शी एवं सरल आवंटन प्रक्रिया से औद्योगिक भूखण्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 को निवेशकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। योजना के 11वें चरण में निवेशकों ने 265 औद्योगिक भूखण्डों के लिए 440 ऑनलाइन आवेदन किए हैं, जो राजस्थान में औद्योगिक निवेश करने के लिये निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
रीको द्वारा इस चरण में निवेशकों को राज्य के 105 औद्योगिक क्षेत्रों में 5,000 से अधिक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए गए थे। इन भूखण्डों का कुल क्षेत्रफल लगभग 260 एकड़ तथा अनुमानित मूल्य करीब 300 करोड़ रुपये है। 11वें चरण के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की लॉटरी का आयोजन दिनांक 22.06.2026 को किया जाएगा।
योजना के ग्यारहवें चरण के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें अजमेर के आईजीपी आईटी पार्क माकड़वाली के लिए 21, अलवर के औद्योगिक क्षेत्र आईजीपी रूंध सोखरी के लिए 82, बालोतरा के बोरावास कलावा प्रथम के लिए 12, बोरानाडा के बोरानाडा विस्तार औद्योगिक क्षेत्र के लिए 27 एवं औद्योगिक क्षेत्र कांकाणी के लिए 19, झुंझुनूं के औद्योगिक क्षेत्र मलसीसर के लिए 12 तथा जयपुर के राम जानकी औद्योगिक क्षेत्र, कुंजबिहारीपुरा के लिए 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य राजस्थान को निवेश और उद्योग के लिए सर्वाधिक अनुकूल क्षेत्र के रूप में विकसित करना है। निवेशकों के साथ किए गए एमओयू शीघ्र धरातल पर उतरें, नए उद्योग स्थापित हों तथा राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हों, इसके लिए रीको प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना इस दिशा में एक प्रभावी एवं परिणामकारी पहल साबित हो रही है।
ओला ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में रीको निवेशकों एवं उद्यमियों को बेहतर औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे राजस्थान का औद्योगिक विकास और अधिक गति प्राप्त करेगा।



