निराधार आरोपों के आधार पर कोर्ट जाना टीएमसी की पुरानी आदत: सुधांशु त्रिवेदी

ram

नई दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया ब्रीफिंग में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ा, तृणमूल कांग्रेस का जनसमर्थन और मनोबल लगातार गिरता गया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “जैसे ही शांतिपूर्ण और हिंसा मुक्त मतदान संपन्न हुआ, टीएमसी के अंदर बेचैनी और घबराहट बढ़ने लगी और जब एग्जिट पोल के रुझान सामने आए तो ऐसा लगा कि उनका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है।” सुधांशु त्रिवेदी ने टीएमसी द्वारा सर्वोच्च न्यायालय जाने के फैसले को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अनर्गल और निराधार आरोपों के आधार पर कोर्ट जाना उनकी पुरानी आदत और बौखलाहट का प्रमाण है।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले 10-12 वर्षों में टीएमसी अलग-अलग अदालतों में 80 से ज्यादा बार जा चुकी है और हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप की मांग वाली टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही कपिल सिब्बल द्वारा दायर याचिका को भी अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
सुधांशु त्रिवेदी ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि जब आईपैक कार्यालय पर छापा पड़ा था, तब पहली बार ऐसा हुआ कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं। इससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें अपने ही स्टाफ और करीबी सहयोगियों पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति बेहद खराब है। अधिकारियों के दफ्तरों पर हमले हो रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से सवाल करते हुए कहा कि पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए गए कि विधानसभा सत्र के दौरान वे नशे में थे।
सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा, “कागज का है लिबास, चिरागों का शहर है। चलना संभल-संभल कर, क्योंकि तुम नशे में हो।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *