कोलकाता। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट पर बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है। सुबह नॉमिनेशन वापस लेने की बात करने वाले रबीउल आलम चौधरी ने यूटर्न ले लिया है। उन्होंने कहा है कि वह उपचुनाव लड़ेंगे। रबीउल आलम का कहना है कि अपने गुट के सुप्रीमो ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने अपने फैसले पर फिर से विचार किया। वे शनिवार से चुनाव प्रचार शुरू करने वाले हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, रबीउल के नाम वापस लेने की योजना के बारे में पता चलते ही ममता बनर्जी ने उन्हें फोन किया और अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई और आखिरकार ममता ने ही रबीउल को अपनी उम्मीदवारी वापस न लेने के लिए मना लिया।
ममता से बात के बाद पलटा फैसला
पत्रकारों से बात करते हुए रबीउल ने अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व में लड़ाई जारी रखेंगे और चुनावी मैदान से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का सिर्फ एक कार्यकर्ता भी उनके साथ खड़ा रहा तो भी वह ममता के प्रतिनिधि के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया था, लेकिन दीदी से बात करने के बाद मैंने अपना फैसला बदल लिया। दीदी ने मुझे भरोसा दिलाया है। मैं उनकी पार्टी का सदस्य हूं और वही करूंगा जो वह कहेंगी।”
ममता को लगा था नंदीग्राम में झटका
रेजीनगर और नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं और नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट ने दोनों सीटों के लिए उम्मीदवार उतारे थे। शनिवार नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। शुक्रवार को नंदीग्राम से ममता बनर्जी की तृणमूल उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। अपने इस फैसले से पहवे वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिली थीं। नया उम्मीदवार उतारने का समय न होने के कारण ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने का ऐलान कर दिया। इस घोषणा के कुछ ही समय बाद पुलिस ने उस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया।
रेजीनगर में क्यों हो रहा उपचुनाव?
आपको बता दें कि नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान छह अक्टूबर को होगा जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को होगी। रेजीनगर सीट तब खाली हुई, जब आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) प्रमुख हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नौदा दोनों सीट से जीत दर्ज करने के बाद रेजीनगर सीट छोड़ दी।



