जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को सचिवालय में जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक के साथ आयोजित बैठक में कहा कि राजस्थान में नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित हैं। यही कारण है कि यह निवेश के लिए अनुकूल राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सुशासन के संकल्प तथा लगातार प्रयासों से ग्रीन एनर्जी, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विकास हुआ है, जिससे निवेश के लिए बेहतर अवसर बने हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि नीमराना मॉडल ऑफ एक्सीलेंस तथा जाईका के सहयोग से राजस्थान और जापान के बीच संबंध और सुदृढ़ हुए हैं। बैठक में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर बनाने, कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा छात्रों के लिए जापान में अध्ययन के अवसर बढ़ाने पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान और जापान के बीच संबंध सदैव सकारात्मक रहे हैं। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने राजस्थान में बायो-फॉरेस्ट परियोजनाओं, जयपुर मेट्रो फेज-2 और आरयूआईडीपी में जापान की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने डीरिगुलेशन तथा अनुपालन में कमी के माध्यम से निवेश प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर भी चर्चा की। राजदूत मलिक ने कहा कि जापान में आईटी सहित उच्च कौशल वाले क्षेत्रों में भारतीय युवाओं की मांग बढ़ रही है। उन्होंने शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से इस दिशा में अवसरों को और विस्तार देने पर जोर दिया। बैठक में महानिदेशक, हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान एवं पदेन अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रशिक्षण श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिनेश कुमार, शासन सचिव कार्मिक विभाग अर्चना सिंह तथा आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राकेश शर्मा उपस्थित रहे।

ग्रीन एनर्जी और पर्यटन के विकास से राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल, नीमराना मॉडल ऑफ एक्सीलेंस व जाईका के सहयोग से राजस्थान-जापान संबंध सुदृढ़ – मुख्य सचिव
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