Category Archives: लेख

लोकसभा-अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वासः लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा...

-ः ललित गर्ग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी लोकतंत्र के लिये एक चिन्ताजनक घटना है। क्योंकि लोकतंत्र केवल शासन की एक प्रणाली नहीं, बल्कि निरंतर संवाद, असहमति के सम्मान और संस्थागत विश्वास पर टिक...

महान चिंतक, समाज-सुधारक और देशभक्त स्वामी दयानन्द सरस्वती...

बाल मुकुन्द ओझा उन्नीसवीं शताब्दी के महान समाज-सुधारकों में स्वामी दयानंद सरस्वती का नाम अत्यंत श्रध्दा के साथ लिया जाता है। स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक, महान चिंतक, समाज-सुधारक और देशभक्त थे। स्वामी जी का जन्म 12 ...

लोकतंत्र के मंदिर में सियासी बवंडर...

बाल मुकुन्द ओझा संसद का बजट सत्र भारत के लोकतंत्र के लिए काफी शर्मनाक साबित हो रहा है। लोकतंत्र के इस पावन पवित्र मंदिर में जनता के मुद्दे उठाने की बजाय कार्यवाही ठप्प करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। संसद का बजट सत्र भी पिछले सत...

… ताकि दुबारा न हो सूरजकुंड जैसे हादसे !...

-सुनील कुमार महला फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के दौरान शनिवार, 7 फरवरी 2025 की शाम एक गंभीर हादसा हुआ, जब मेले में लगे एक झूले के टूटने से 13 लोग घायल हो गए। इस दुर्घटना में झूला ...

भारत ने दलहन आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाये कदम...

बाल मुकुन्द ओझा अंतर्राष्ट्रीय दलहन दिवस हर साल 10 फरवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम विश्व की दलहन: सादगी से उत्कृष्टता की ओर रखी गई है। यह दिवस पहली बार वर्ष 2016 में मनाया गया था। बाद में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 फरवरी ...

जहाँ सुरों में बसता है सुकून: मनुष्य जीवन में संगीत...

-सुनील कुमार महला आज की जीवनशैली भागम-भाग भरी है। मनुष्य हर कहीं तनाव और अवसाद की बेड़ियों में बंधा नज़र आता है। उसके पास न स्वयं के लिए समय बचा है और न ही परिवार व दूसरों के लिए। पदार्थ में वह रम-बस सा गया है।ऐसे में संगीत मनुष्य...

थाली से प्याली तक मिलावट ही मिलावट...

बाल मुकुन्द ओझा देश में कुछ भी सुरक्षित नहीं है। अब दूध भी नकली मिल रहा है। गुजरात के साबरकांठा जिले के सलाल इलाके में जहरीले केमिकल से दूध बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने सलाल में रेलवे क्रॉसिंग के पास श्री सत...

आखिर क्यों चर्चा में है ‘खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन’...

-सुनील कुमार महला इन दिनों राजस्थान में खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन खास चर्चा में है। दरअसल, खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन राजस्थान के राज्य वृक्ष ‘खेजड़ी’ के संरक्षण के लिए चलाया जा रहा एक जन-आंदोलन है। वास्तव में यह आंदोलन सोलर कंपनियों द्वार...

मोबाइल बच्चों का दोस्त है या दुश्मन...

-बाल मुकुन्द ओझा भारत में भी कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के बेज़ा इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग अब जोर शोर से उठने लगी है। भारत सरकार ने भी देर आये दुरस्त आये अब सोशल मीडिया के बेज़ा इस्तेमाल से बच्चों को बचाने पर गंभीरता स...

गड्ढों वाली व्यवस्था और खतरे में पड़ता जीवन...

गड्ढों में गिरी व्यवस्था में समाप्त होता जीवन आज के भारत की एक ऐसी विडंबना बन चुका है, जिसे देखकर मन भीतर तक सिहर उठता है। नोएडा में कार सवार युवा इंजीनियर की गड्ढे में गिरकर मौत का दर्द अभी समाज के मन से उतरा भी नहीं था कि दिल्ली...

डराने लगी है ऑनलाइन गेमिंग की लत एवं आभासी दुनिया...

-ः ललित गर्ग ऑनलाइन गेमिंग की लत एवं आभासी दुनिया कितनी भयावह एवं घातक हो सकती है, इसकी एक ही दिन में दो अलग-अलग जगह घटी घटनाओं ने न केवल झकझोरा है, बल्कि यह हमारे समय, हमारी सामाजिक संरचना और हमारी सामूहिक असावधानी पर लगा हुआ एक ...

राजस्थान में साहित्य अकादमियों का नहीं है कोई धणी धोरी...

बाल मुकुन्द ओझा लगता है सरकारों ने साहित्य, संस्कृति और कला से अपना मुंह मोड़ लाया है। इसका एक ताज़ा उदहारण राजस्थान है। पिछली गहलोत सरकार का अनुसरण करते हुए वर्तमान भजन लाल सरकार ने भी इस दिशा में अपनी कोई रूचि प्रदर्शित नहीं की है...

सोशल मीडिया : संवाद का माध्यम या निजता का संकट ?...

-सुनील कुमार महला आज संचार क्रांति का युग है।हर कोई सोशल मीडिया,एआइ का प्रयोग कर रहा है। आधुनिक दौर में सोशल मीडिया ने हमारे अनेक कार्यों को आसान और सरल बनाया है। दूसरे शब्दों में कहें तो सोशल मीडिया ने संवाद को जितना सरल और व्याप...

दम तोड़ रही हैं जीवनदायी नदियां...

-बाल मुकुन्द ओझा नदियां कभी हमारी पहचान थी। आदिकाल से जीवनदायिनी रही हमारी पवित्र नदियां आज दम तोड़ रही हैं। नदियों और झीलों के रूप में पानी के प्रचुर प्राकृतिक स्रोतों पर विचार करते हुए देखे तो भारत एक समृद्ध देश है। नदियां न केवल...

प्रकृति संरक्षित तो मानव जीवन भी सुरक्षित...

-बाल मुकुन्द ओझा प्रकृति पर्यावरण और प्रदूषण एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति में कोई विकृति आएगी तो पर्यावरण बिगड़ेगा जिसका खामियाज़ा हमें प्रदूषण के रूप में उठाना होगा। इन तीनों में सामंजस्य हुआ तो मनुष्य को बेहतर जीवन जीने का अवसर म...

मीर तकी मीर : दर्द को शायरी बनाने वाला शायर...

-सुनील कुमार महला 3 फरवरी को साहित्यकार, उर्दू साहित्य के महानतम शायर मीर तकी मीर (1723–1810) का जन्मदिन मनाया जाता है।मीर तकी मीर सिर्फ़ ग़ज़ल के शायर नहीं थे, वे अपने समय की टूटी हुई रूह की आवाज़ थे।मीर उर्दू ग़ज़ल को शिखर तक पह...

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने...

-ललित गर्ग जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंध...

मासिक धर्म गरिमा का अधिकार है...

देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए कहा है, मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। फैसले में ...

आर्थिक सर्वेक्षण से बजट तक : भविष्य के भारत की तलाश...

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के पटल पर प्रस्तुत किया जाने वाला बजट केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि वह देश की आर्थिक दिशा, सामाजिक प्राथमिकताओं और भविष्य की संभावनाओं का दर्पण होता है। आज जब ...

मन चंगा तो कठौती में गंगा

सामाजिक समरसता के प्रेरक संत रविदास जयंती माघ महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस साल ये दिन एक फरवरी को है। इस वर्ष उनका 649 वां जन्मदिवस मनाया जा रहा है। रविदास को रैदास नाम से भी जाना जाता है। रविदास का जन्म वाराणसी के पास के...

अजित पवार : आरोपों से ऊपर उठे राजनीति के ‘दादा-पुरुष’...

यह खबर केवल एक व्यक्ति के निधन की नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक पूरे युग के अचानक थम जाने की सूचना है। 28 जनवरी 2026 की सुबह जब बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार के असामयिक निधन की पुष्टि...

यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक...

सुप्रीम कोर्ट द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से जुड़े नए नियमों पर अंतरिम रोक लगाना केवल एक कानूनी आदेश नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज, संविधान और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य से जुड़ा एक गहरा संकेत है। यह फैसल...

आज के दौर में गांधी की प्रासंगिकता...

महात्मा गांधी की 78 वीं पुण्यतिथि को आज देश और दुनिया में शहीद दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हर साल इस दिन राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और...

एविएशन सेक्टर को दुर्घटना-शून्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने क...

हवाई यात्रा को लंबे समय तक सबसे सुरक्षित यात्रा माध्यम माना जाता रहा है। आँकड़े भी यही गवाही देते हैं कि सड़क, रेल और जलमार्ग की तुलना में विमान दुर्घटनाएँ कहीं कम होती हैं। आधुनिक तकनीक, कड़े सुरक्षा मानक, प्रशिक्षित पायलट और अत्...

आम आदमी की नजर से नौवां बजट...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवां आम बजट पेश करने जा रही हैं। यह केवल एक औपचारिक आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि उस दौर का आईना होगा जिसमें आम आदमी महंगाई, रोजगार, स्वास्थ्य और भविष्य की अनिश्चितताओं के बी...

खबर की सच्चाई जानने के लिए अखबार सर्वोत्तम माध्यम...

भारतीय समाचार पत्र दिवस प्रतिवर्ष 29 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य नागरिकों को समाचार पत्र पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना और उन्हें सामाजिक-राजनीतिक मामलों से अवगत कराना है। यह दिन भारतीय पत्रकारिता की समृ...

जिस लाठी ने साम्राज्य को हिला दिया: पंजाब केसरी लाला लाजपत राय...

28 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, आर्य समाज के प्रमुख विचारक तथा प्रखर राष्ट्रवादी नेता लाला लाजपत राय की जयंती मनाई जाती है। अपनी ओजस्वी वाणी, निर्भीक तेवर और अंग्रेजी हुकूमत के सामने कभी न झुकने वाले व्यक्तित्व के...

सड़कें बन रहीं सुरक्षित कम, जानलेवा ज़्यादा...

हाल ही में जारी वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं और इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी कार दुर्घटनाओं की है। तेज़ रफ्तार, नियमों की अनदेखी और लापरवाह ड्राइविंग ...

भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस : संविधान, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ...

26 जनवरी 1950 वह दिन है जब भारत का संविधान लागू हुआ था और इसी दिन भारत एक गणतंत्र राष्ट्र बना। इससे पूर्व 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया था। इस बार अर्थात् वर्ष 2026 में भारत अपना 77वाँ गणतं...

राष्ट्रीय गौरव राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सर्वोपरि है...

आज गणतंत्र दिवस है। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर देखते हैं लोगों का तिरंगे के प्रति विशेष सम्मान झलकता है और होना भी चाहिए क्योंकि यह हमारा राष्ट्रीय गौरव है। राष्ट्र...

दुनिया जल के वैश्विक दिवालियापन की ओर बढ़ रही है...

जल है तो जीवन है”-यह पंक्ति कोई नारा भर नहीं, बल्कि मानव सभ्यता का शाश्वत सत्य है। बिना जल के जीवन की कल्पना भी संभव नहीं। किंतु विडंबना यह है कि जिस जल को हम जीवन का आधार मानते हैं, वही आज सबसे अधिक संकटग्रस्त संसाधन बन चुका है। ...

अर्थव्यवस्था की कुंजी है पर्यटन...

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों में पर्यटन का महत्व जगाने तथा अर्थव्यवस्था को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक बनाना है। वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल की 2024-...

बेटियों को चाहिए शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण...

राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है ताकि बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। आजकल बालिका के सशक्तीकरण की चर्चा हमारी जुबान पर हर वक्त रहती है। सरका...

सशक्त बालिका, समर्थ राष्ट्र: विकास की नई उड़ान...

हर साल 24 जनवरी को भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस(नेशनल गर्ल चाइल्ड डे) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसरों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह दिन समाज...

एक महानायक की कहानी : नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पराक्रम दिवस...

23 जनवरी को, वर्ष 2021 से भारत में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। वास्तव में, यह दिवस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर उनके अदम्य साहस, उनकी वीरता और राष्ट्रप्रेम को...

ज्ञान, चरित्र और संस्कार का संदेश देती है बसंत पंचमी...

ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित वसंत पंचमी से ही वसंत ऋतु का आरंभ माना जाता है। प्रकृति का हर परिवर्तन मनुष्य के जीवन में कुछ परिवर्तन अवश्य ही लाता है। वसंत पंचमी हमें जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संदेश देता है। इस ...

ज्ञान और वैराग्य का पर्व है वसन्त पंचमी...

धर्म, इतिहास और संस्कृति-तीनों मनुष्य जीवन के चित्र में हरे, लाल, पीले रंगों की तरह गहरे घुले-मिले तत्त्व हैं, यद्यपि इनमें तीनों के रंग अलग-अलग हैं। फिर भी इनकी पहचान करने में हम भूल कर सकते हैं, परन्तु पहचान करना कठिन नहीं है। ध...

सियासत की ठन ठन गोपाल हो गई है मायावती?...

बसपा सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इन दिनों फिर चर्चा में है। अपने जन्मदिन के मौके पर मायावती ने घोषणा की कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। यह किसी गठबंधन में शामिल नहीं होंगी। कभी यूपी की सियासत में मायावती की तूत...

सहेजना ज़रूरी है, पर कितना? संचय प्रवृत्ति का द्वंद्व...

मनुष्य की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि वह इस जीवन को स्थायी मानकर चलने लगता है। वह सोचता है कि जितना अधिक वह संचय कर लेगा-धन, संपत्ति, पद, प्रतिष्ठा या संबंध-उतना ही उसका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा। वास्तव में, इसी सोच के कारण वह निर...

चिली के जंगलों में आग ने मचाई तबाही...

चिली इस समय भयावह आपदा की चपेट में है। दक्षिण अमेरिकी देश चिली के जंगल में लगी आग की चपेट में आकर अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। चिली फिलहाल भीषण लू की चपेट में है। जंगल की आग ने तबाही मचा दी है, जिसके वजह से वहां इमरजेंसी की घ...

गिलहरी प्रशंसा दिवस : प्रकृति के नन्हे माली और उनके संरक्षण का मह...

‘प्रत्येक वर्ष 21 जनवरी को विश्व स्तर पर ‘स्क्विरल एप्रिसिएशन डे’ (गिलहरी प्रशंसा दिवस) मनाया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2001 में उत्तरी कैरोलिना की वन्यजीव पुनर्वासकर्ता क्रिस्टी हा...

बज उठी है बंगाल में चुनावी महासंग्राम की रणभेरी...

प.बंगाल में अभी चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों की तिथियां घोषित नहीं की है मगर पूरा प्रदेश चुनावी शोर शराबे में डूब गया है। चुनाव की रणभेरी बज उठी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी कमान संभाल ली है। उनके दौरे शुरू हो चुक...

दुनिया में हर 8वां शख्स मोटापे से जूझ रहा है...

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल 28 लाख मौतें मोटापे से होती हैं। रिपोर्ट कहती है कि दुनिया में हर 8वां शख्स मोटापे से जूझ रहा है। यह बीमारी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि WHO इसे एपिडेमिक मान रहा है। मोटापा कार्डिय...

समुद्री जीवन के रक्षक : राष्ट्रीय पेंगुइन दिवस का महत्व...

हर साल 20 जनवरी को राष्ट्रीय पेंगुइन दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पेंगुइन प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन विशेष रूप से अंटार्कटिका में पेंगुइनों के वार्षिक प्रवास से जुड़ा ह...

प्राकृतिक आपदाओं के बीच मानवता की उम्मीद : एनडीआरएफ की भूमिका और ...

19 जनवरी को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) स्थापना दिवस मनाया जाता है, क्यों कि वर्ष 2006 में इसी दिन एनडीआरएफ का गठन किया गया था।यह बल प्राकृतिक व मानव-निर्मित आपदाओं में राहत और बचाव कार्य के लिए जाना जाता है। पाठकों को बताता...

चुनावों में दरकने लगे सियासी परिवार...

बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी पारिवारिक सियासत के किले एक के बाद एक ढहने शुरू हो गए है। कुछ दिनों पूर्व बिहार में लालू परिवार का गढ़ ध्वस्त हो गया था। अब महाराष्ट्र में भी दो शक्तिशाली सियासी परिवार दरकने लगे है। मुंबई सहित महाराष...

ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी अब हकीकत बन चुकी है...

धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके दुष्परिणाम अब पूरी दुनिया में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में यूरोपीय संघ की कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा (सी3एस) ने 14 जनवरी 2026 को जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर चेतावनी ज...

जीवन की सच्चाइयों का आइना है बुढ़ापा...

वृद्धावस्था जीवन का वह सच है जिसे आज नहीं तो कल सब को स्वीकारना होगा। एक दिन बुढापा आपको भी आएगा जिसके आगोश में हर किसी को आना है। जो लोग आज इस सच्चाई को स्वीकार नहीं रहे है उन्हें बुढ़ापा अपनी रंगत जरूर दिखायेगा। बुजुर्गजन वटवृक्ष...

बचत और खर्च का असंतुलनः नये भारत के लिए बड़ी चुनौती...

महामारी के बाद की दुनिया केवल स्वास्थ्य के स्तर पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सोच और व्यवहार में भी एक बड़े संक्रमण से गुज़री है। वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं की अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती महंगाई, तकनीक-आधारित बाजार और उपभोक्तावादी संस...

प्रकृति परिवर्तन और सामाजिक समरसता का पर्व है मकर संक्रांति...

भारत में प्रत्येक पर्व और त्योहार का अपना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्त्व होता है। ऐसा ही एक पर्व मकर संक्रांति है जो लोक मंगल को समर्पित है। हिन्दू तीज-त्योहारों में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति का त्योहार धार्मि...

लोकजीवन, कृषि-संस्कृति और सामूहिक चेतना का पर्व है लोहड़ी !...

लोहड़ी वैसे तो पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है, लेकिन यह मुख्य रूप से पंजाब की जीवंत संस्कृति और कृषि प्रधान जीवन का दर्पण है।पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और लोहड़ी का सीधा संबंध किसान जीवन से है। यह वह समय होता है जब रबी की फसल, ...

स्वामी विवेकानंद: युवाशक्ति के जागरण का अमर स्वर...

हर वर्ष 12 जनवरी को भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस (नेशनल यूथ डे) महान् आध्यात्मिक गुरू, युवा वक्ता,मार्गदर्शक, विचारक और राष्ट्रनिर्माता स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है।आपका जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता (तत्काली...

युवा में है बदलाव की असीम शक्ति...

देश में हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 की थीम उठो, जागो और अपनी शक्ति को पहचानो है, जो युवाओं को देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की तरफ प्रेरि...

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की आहट...

बंगाल की सियासत तीन लोक से न्यारी है। यहाँ चुनाव से पहले नित नये रहस्योद्घाटन होने लगे है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की आई-पैक पर छापेमारी के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा यदि उन्होंने पेन ड...

मानव तस्करी जागरूकता दिवस : खामोश अपराध के खिलाफ आवाज़...

11 जनवरी को राष्ट्रीय मानव तस्करी विरोधी दिवस (नेशनल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग डे) या राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस मनाया जाता है, जैसा कि मानव तस्करी आज दुनिया भर में एक गंभीर व बड़ी समस्या बनकर उभरी है।यहां पाठकों को जानकारी ...

भूख से मुक्ति का राष्ट्रीय संकल्प है अटल कैंटीन योजना...

भूख केवल एक शारीरिक पीड़ा नहीं है, वह सामाजिक असंतुलन, मानसिक कुंठा और नैतिक विचलन की जननी भी है। इतिहास साक्षी है कि जब पेट खाली होता है, तो विचार उग्र हो जाते हैं, व्यवस्था के प्रति विश्वास डगमगाने लगता है और विद्रोह की भावना पनप...

वैश्विक जगत की सांस्कृतिक पहचान है हिंदी...

हम हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाते है और इसे वैश्विक स्तर की भाषा बता कर गुणगान करते है। विश्व हिंदी दिवस की इस वर्ष की थीम हिंदी : पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्मिमत्ता तक रखी गई है। इसका उद्देश्य है कि हिंदी पारंपरिक र...

विकसित भारत के सारथी : प्रवासी भारतीय और 2047 का संकल्प...

हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। इसे एन आर आई दिवस(नोन-रेजिडेंट इंडियन डे) भी कहा जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि इस दिन को इसलिए चुना गया था, क्योंकि 9 जनवरी 1915 को महात्मा गाँधी दक्षिण अफ़्रीका से भारत वापस...

कुत्तों का मूड नहीं, इंसानों की जान मायने रखती है...

देश की सर्वोच्च अदालत आजकल डॉग लवर और डॉग हेटर की सुनवाई में व्यस्त है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उससे होने वाले हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि, यह मसला केवल ...

वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन...

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश...

नहीं थमा बांग्लादेश में हिन्दुओं का कत्लेआम...

बांग्ला देश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं का कत्लेआम थमा नहीं है। एक के बाद एक हो रही हत्या रोंगटे खड़ा कर देने वाली है। शेख हसीना की सरकार को ज़बरदस्ती गिराने के बाद वहां हिंदू समुदाय पर हो रही बर्बरता ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ...

अमेरिका अपना रहा दोहरे मानदंड...

हाल ही में 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने वेनेज़ुएला में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसमें अमेरिकी बलों ने राजधानी काराकस समेत कई जगहों पर हवाई और सैन्य हमले किए और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड...

हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा हैं कुलदीप देवगुढ़ा...

राजस्थान के जयपुर जिले के देवगुढ़ा ग्राम की साधारण पृष्ठभूमि में जन्मे कुलदीप वर्मा देवगुढ़ा उन व्यक्तित्वों में हैं, जिनकी जीवन-यात्रा यह सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा इंसान को ऊँचाइयों तक प...

यूपी में जातीय सियासत और सत्ता की बेचैनी...

देश के सबसे बड़े और अधिसंख्य प्रधान मंत्री देने वाले उत्तर प्रदेश में जातीय राजनीति एकबार फिर करवट ले रही है। हालाँकि यहां विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से भी अधिक बचे है मगर चुनावी सरगर्मियां अभी से शुरू हो गई है। छोटे बड़े सभी सिय...

प्रदूषित जल से जन-जीवन पर संकट: इंदौर की चेतावनी कहानी...

कहां गया है कि ‘जल ही जीवन है।’ लेकिन जल किसी की जान ले लें तो यह बहुत दुखद ही कहा जाएगा। हाल ही में देश के सबसे साफ शहर माने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने की वजह से उल्टी-दस्त होने से कम से कम...

डिब्बों से डिजिटल तक: भारतीय रेलवे का आधुनिक रूपांतरण...

भारतीय रेल देश की जीवनरेखा मानी जाती है और यह भारत के सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।भारतीय रेल की खास बात यह है कि भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा और विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है तथा पा...

विलुप्त होती जा रही है पक्षियों की प्रजातियां...

राष्ट्रीय पक्षी दिवस हर साल 5 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना है । पंख वाले या उड़ने वाले किसी भी जन्तु को पक्षी कहा जाता है। आसम...

जहाँ अक्षर उँगलियों से बोलते हैं: ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल...

प्रतिवर्ष 4 जनवरी को ‘विश्व ब्रेल दिवस’ (वर्ल्ड ब्रेल डे) के रूप में मनाया जाता है, क्यों कि आज ही के दिन ब्रेल लिपि(नेत्रहीन लोगों के पढ़ने के लिए एक लिपि) के आविष्कारक लुईस ब्रेल का जन्म हुआ था। दूसरे शब्दों में कहें...

इन्दौर की जल-त्रासदी और प्रशासनिक लापरवाही का नंगा चेहरा...

स्वच्छता रैंकिंग में लगातार टॉप पर आने वाले इंदौर में दूषित पेयजल की वजह से हुई मौतें कथनी और करनी की असमानता की पौल खोलती भयावह लापरवाही का नतीजा हैं। स्थानीय लोगों का यह आरोप बेहद गंभीर है कि पानी की क्वॉलिटी को लेकर लगातार शिका...

नये वर्ष में अनुत्तरित सवालों के जबावों की तलाश...

एक और वर्ष इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। वर्ष 2025 केवल कैलेंडर का एक अंक नहीं था, बल्कि वह घटनाओं, चेतावनियों, उपलब्धियों और विडंबनाओं का ऐसा संगम रहा, जिसने समाज, राजनीति और विकास की हमारी समूची अवधारणाओं को कठघरे में खड़...

वसुधैव कुटुंबकम साकार करेगा परिवार कल्याण की भावना...

नव वर्ष की शुरुआत 1 जनवरी को वैश्विक परिवार दिवस से हो रही है। यह दिन परिवार के साथ समय बिताने और रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 1 जनवरी को वैश्विक परिवार दिवस म...

बांग्लादेश : सत्ता-संघर्ष, कट्टरपंथ और लोकतंत्र की अनिश्चित राह...

बांग्लादेश एक बार फिर इतिहास के ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ लोकतंत्र, सत्ता और कट्टरपंथ के बीच की रेखाएँ धुंधली होती जा रही हैं। 17 वर्षों के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र और बांग्लादेश राष्ट...

दारू से नहीं दूध से करो नये साल का स्वागत...

देशभर में साल 2025 को अलविदा कहकर नए साल 2026 का गर्मजोशी के साथ स्वागत की तैयारियां की जा रही है। नए साल की पूर्व संध्या देशभर में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन होने वाला है। इन आयोजनों में लोग जोश और उत्साह के नए साल का स्वागत कर...

रामानंद सागर : भारतीय दूरदर्शन के स्वर्णिम युग के शिल्पकार...

भारतीय टेलीविजन के सांस्कृतिक शिल्पकार, निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर को आखिर कौन नहीं जानता ? उनका जन्म लाहौर के नजदीक असल गुरु नामक स्थान पर 29 दिसम्बर 1917 को एक धनाढ्य परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम चंद्रधर शर्मा था।वे भारती...

कोहरे का चौतरफा कोहराम

देश के अनेक राज्य इस समय ठंड और कोहरे की चपेट में है। कोहरे से प्रतिदिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें बेहद चिंताजनक है। बढ़ते कोहरे के कारण सड़क हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो र...

बांग्लादेश : अस्थिरता, अराजकता और हिंसा के चक्रव्यूह में...

पड़ोसी देश बांग्लादेश के हालात ठीक नहीं है और बांग्लादेश पिछले 17-18 महीनों से लगातार अस्थिरता , अराजकता और धर्मांधता की आग में झुलस रहा है। हाल ही में बांग्लादेश में फिर से हिंसा भड़क उठी, यह बहुत ही दुखद है।जानकारी के अनुसार एक ...

गले की फांस बन गया नीतीश का हिजाब हटाना...

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले कुछ समय से अपने अजीबोगरीब व्यवहार के कारण सियासत की सुर्खिया बटोर रहे हैं। विभिन्न मौके पर उनके व्यवहार या असामान्य हरकतों की घटनाओं की वजह से उनकी आलोचना हो रही है। उनकी पार्टी और सहयोगी भाज...

पत्थरों को प्राण देने वाले कलाकार का अंत: राम वनजी सुतार...

पत्थरों में जान फूंकने वाले,आधुनिक भारत के सबसे प्रभावशाली और बहुत ही मशहूर भारतीय मूर्तिकार पद्मश्री राम वनजी सुतार का 100 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 17 दिसंबर 2025 की मध्य रात्रि को नोएडा स्थित अपने निवास पर आखिरी सां...

लम्बे जनजागरण के बाद मिली थी गोवा को आजादी...

गोवा मुक्ति दिवस हर साल 19 दिसंबर को मनाया जाता है। आज ही के दिन डॉ. राममनोहर लोहिया के नेतृत्व में गोवा मुक्ति संग्राम का आगाज हुआ था। यह दिन गोवा की आज़ादी और पुर्तगाली शासन से मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। देश की आजादी के...

धार्मिक आस्था में समानता ही सर्वोच्च है...

भारत धर्म-कर्म में विश्वास करने वाला देश है और यहां की अधिकांश जनता अध्यात्म में विश्वास करती है। यही कारण भी है कि हमारे देश में मंदिर भी बहुतायत में हैं। मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहां हर व्यक्ति को भगवान के दर्शन करने की खु...

शराब और अपराध : चोली दामन का साथ...

मध निषेध दिवस 18 दिसंबर को मनाया जाता है। आजकल के बदलते लाइफस्टाइल में हमारे देश में नशा एक ऐसा अभिशाप बन कर उभर रहा है जो हमारे युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। साल-दर-साल इन युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ...

सड़क हादसों की बढ़ती वजह: अवैध पार्किंग और हाईवे किनारे ढाबे...

सड़क हादसे एक बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी हैं, जो पल भर में हँसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देती हैं। इनमें किसी अपने की जान जाना या जीवन भर की अपंगता पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल देती है। हादसे के बाद केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं हो...

हर सांस के साथ बढ़ रहा है वायु प्रदूषण का खतरा...

देश की राजधानी दिल्ली सहित देशभर में पर्यावरण प्रदूषण का मामला संसद और सुप्रीम कोर्ट में गूंजने लगा है। अनेक सांसदों ने प्रदूषण विशेषकर वायु प्रदूषण पर संसद में चर्चा की मांग की है। वहीं देश की सर्वोच्च अदालत ने वायु प्रदूषण पर गह...

ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों पर आतंकी हमला: वैश्विक आतंकवाद का भयावह ...

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के सिडनी में बोंडी बीच (समुद्र तट) पर हमलावरों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की घटना में इजरायली नागरिक समेत 16 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 29 लोग घायल बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घायल...

संसद में प्रतिबंधित ई-सिगरेट की गूंज...

ई-सिगरेट एक बार फिर चर्चा में है। भारत सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट को देश में पूरी तरह से बैन कर दिया था और ई-सिगरेट से जुड़ी सभी गतिविधियों को गैर कानूनी घोषित माना गया। इसके बावजूद देश में ई-सिगरेट का प्रयोग करने वालों की कमी...

क्या प्रतिबंध ही समाधान? ऑस्ट्रेलिया के सोशल मीडिया कानून पर बहस...

सोशल मीडिया पर न्यूनतम आयु को लेकर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग से जुड़े नियम/कानून (सोशल मीडिया राज फोर चिल्ड्रेन) में एक अद्भुत और दुनिया-भर में चर्चित बदलाव किया है। दरअसल,ऑस्ट्रेलियाई संसद न...

दुनियाभर में बढ़ती जा रही है यौन हिंसा की वारदातें...

देश और दुनिया में महिलाओं के विरुद्ध यौन हिंसा की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। आए दिन महिलाएं यौन उत्पीड़न और अत्याचारों का शिकार हो रही हैं। घर से लेकर सड़क तक कहीं भी महिला सुरक्षित नहीं है। द लैंसेट जर्नल में छपी एक ताज़ा रिपोर्ट...

यूनेस्को ने दीपावली को विश्व धरोहर घोषित किया...

यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त विश्व धरोहर घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक चेतना का ऐसा महत्त्वपूर्ण क्षण है, जो न केवल भारतीयों को गौरवान्वित करता है बल्कि यह सिद्ध करता है कि भारतीय सभ्यता की आत्मा आज भी मानवता का मार्गदर्...

उड़ानों की सुरक्षा और पायलट नियम : भारतीय एयरलाइंस का भविष्य...

पिछले कुछ समय से भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो काफ़ी चर्चा में है। दरअसल, दिसंबर 2025 में भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में अचानक हुए बड़े पैमाने के फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी, पायलटों की कमी और संचालन-अव्यवस्था से, पूरे देश की ...

विश्व मानवाधिकार दिवस : लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के हो सकारात...

हम 10 दिसंबर को मानवाधिकारों का उत्सव मनाते है। उस दिन की स्मृति में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। यह घोषणा हमारे समाजों के मानवाधिकार ढांचे की रीढ़ है, जहां हममें से प्रत्येक...

भ्रष्टाचार का वैश्विक संकट और हमारी नैतिक जिम्मेदारी...

हर वर्ष 9 दिसंबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस केवल एक औपचारिक स्मरण दिवस नहीं है, बल्कि मानव सभ्यता के लिए उस चुनौती की ओर संकेत करता है जो राष्ट्रों की प्रगति, सामाजिक न्याय और नैतिक मूल्यों को भीतर से ...

मनोरंजन स्थल या मौत का अड्डा? गोवा नाइट क्लब अग्निकांड ने खोले सु...

गोवा के नाइट क्लब में लगी आग ने 25 लोगों की जान ले ली, वहीं 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें पांच पर्यटक(तीन महिलाएं) तथा 20 क्लब के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।इन पर्यटकों में चार दिल्ली के हैं तथा तीन एक ही परिवार के हैं, यह...

भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजी 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर ब्रह्मांड की सर...

ब्रह्मांड की अथाह गहराइयों में कभी–कभी कोई खोज केवल विज्ञान को आगे नहीं बढ़ाती, बल्कि हमारी समझ, हमारे अहंकार और हमारी कल्पना—तीनों को एक साथ चुनौती देती है। भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा खोजी गई सर्पिल गैलेक्सी ‘अलकनंदा’ ऐसी ही खोज है...

बोतलबंद पानी कितना खरा कितना खोटा...

आजकल बोतल का पानी पीने का रिवाज व्यापक रूप से प्रचलन में है। घर हो या बाहर हर जगह बोतल का पानी सर्व सुलभ है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में हर मिनट बोतल बंद पानी की 10 लाख बोतलें खरीदी जाती हैं। इस पर अनेकों शोध होकर बोत...

गरीबों का अनाज बना ग्लोबल सुपरफूड...

देश और दुनिया में मोटे अनाज की मांग बढ़ रही है। अब यह केवल गरीब की थाली तक सीमित नहीं रहा है अपितु फाइव स्टार होटलों में भी पहुँच गया है। आज देश-दुनिया के लोग मोटे अनाज की खूबियों का बेबाकी से बखान कर रहे हैं। हमारी सेहत और खानपान ...

माटी बचेगी तो मानव बचेगा : विश्व मृदा दिवस 2025 का संदेश‌...

हर वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस के रूप में मनाया जाता है।नीले ग्रह पर जीवन का आधार मिट्टी है , क्यों कि मिट्टी पर ही इस धरती के समस्त जीव-जंतु, वनस्पतियां और मनुष्य प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।जल,अग्नि, वायु और आ...

भारतीय नौसेना दिवस : समुद्री सीमाओं के प्रहरी...

हर वर्ष 4 दिसंबर को भारत में नौसेना दिवस मनाया जाता है, और यह अवसर केवल एक औपचारिक उत्सव भर नहीं, बल्कि उन गहराइयों तक झांकने का निमंत्रण भी है जहाँ भारतीय नौसेना के जवान और अधिकारी अपने अदृश्य संघर्षों के साथ देश की सुरक्षा की जि...

मौसम का गजब नज़ारा : ग्रीष्म ऋतु लंबी होती जा रही हैं और सर्दियां ...

देश में मौसम के अज़ब गजब नज़ारे देखने को मिल रहे है। दिसंबर का महीना शुरू हो गया है मगर ठण्ड और सर्दी ने अभी अपने पारम्परिक तेवर नहीं दिखाए है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 10 दिन तक राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और ...

दिव्यांगों के जीवन में भरे प्यार का उजियारा...

अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस अथवा अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है। वर्ष 2025 की थीम सतत परिवर्तन के लिए अभिनव मानसिक स्वास्थ्य पहल और समावेशी पुनर्वास के माध्यम से विकलांग लोगों को सशक्त बनाना है।...

राजनीति की चपेट में मतदाता सूची शुद्धिकरण विवाद...

भारत, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, अपनी चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता पर गर्व करता है। इस प्रक्रिया की आधारशिला है मतदाता सूची वह निर्णायक दस्तावेज जो तय करता है कि कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं। इसीलिए, सूची को शुद्ध,...

दिव्यांग लोगों के बारे में बढ़ानी होगी जागरूकता...

समाज में दिव्यांगता को एक सामाजिक कलंक के रूप में देखा जाता है। जिसे सुधारने की आवश्यकता है। विश्व विकलांग दिवस पर इस वर्ष का विषय है सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए विकलांगता समावेशी समाजों को बढ़ावा देना। विकलांग व्यक्तियों ...

पर्यावरण प्रदूषण : स्वास्थ्य के लिए बढ़ता खतरा...

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस उन लोगों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गँवा दी थी। उन मृतकों को सम्मान देने और याद करने के लिये भारत में हर वर्ष 2 दिसंबर को मनाया जाता है। भोपाल गैस त्रासदी की व...

नवीन वलित पर्वत: दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित...

भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस क्रम में, भारत ने हाल ही में अपना नया राष्ट्रीय भूकंप जोन मैप जारी किया है।इसके तहत अब पूरे हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक) को पहली बार सबसे ...

सड़क दुर्घटनाओं में जीडीपी का होता है तीन फीसदी नुकसान...

भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लाखों की संख्या में लोग अपनी जान गवां देते हैं। सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में तेजी से वृद्धि हो रही है। दुर्घटनाओं में मौतें और घायल होने के समाचार प्रतिदिन पढ़ने और देखने को मिल रहे हैं। ...

श्रीराम मन्दिर ध्वजारोहण पर पाकिस्तान की बौखलाहट...

पाकिस्तान की भारत-निंदा की आदत कोई नई नहीं है; यह उसकी कूटनीति एवं संकीर्ण सोच का स्थायी चरित्र बन चुकी है। ऐसा शायद ही कोई अवसर हो जब भारत की बढ़ती शक्ति, बढ़ती साख और सांस्कृतिक उन्नयन का प्रभावी दृश्य उभरे और पाकिस्तान उसमें संकु...

स्वच्छ भूजल पर मंडराया धातु प्रदूषण का खतरा...

पिछले कुछ सालों से अनेक रिपोर्टों में यह स्वीकार किया गया कि भूजल में जहरीली धातुओं की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई है, इसके बावजूद शुद्ध पानी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया जो बेहद चिंताजनक है। यह भी स्वीकार किया है ...

पाकिस्तान दोहरा रहा है अपना खूनी इतिहास...

पाकिस्तान से आने वाली ख़बरों पर यकीन करें तो पाकिस्तान एक बार फिर अपने खूनी इतिहास को दोहराने जा रहा है। जियाउलहक ने 1979 में जुल्फिकार अली भुट्टों को फांसी दे दी थी और अब इमरान खान की जेल में मौत की ख़बरों से पूरी दुनियां हतप्रभ है...

न्याय के शिखर पर हिंदी : सीजेआई की शपथ से खुला नई दिशा का द्वार...

देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत हिंदी में शपथ लेने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बन गए। वास्तव में, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा हिंदी में शपथ लेने के गहरे निहितार्थ हैं। कहना ग़लत नहीं होगा कि ...

अंगदान के प्रति सामाजिक धारणाओं को बदलने की जरूरत है...

प्रत्येक वर्ष 27 नवंबर को ‘राष्ट्रीय अंगदान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। दरअसल,यह दिवस अंगदान के महत्व को समझाने, समाज तथा देश में अंग-दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। कहना ग़लत नहीं होगा कि अंगदान...

नींद की कमी से जूझ रहा है युवा भारत...

नींद की कमी धीरे-धीरे एक साइलेंट हेल्थ क्राइसिस बन चुकी है। पहले नींद को आराम या आदत माना जाता था, लेकिन अब शोध यह दिखाते हैं कि कम नींद का सीधा असर दिमाग, दिल, इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। अमेरिका के सेंटर्स फॉर...

खोखले साबित हो रहे है नारी सुरक्षा के तमाम दावे...

25 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस हम ऐसे समय मना रहे है जब महिलाएं लगातार हिंसा की शिकार हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है वैश्विक प्रयासों के बावजूद इस दिशा में कोई सार्थक सुधार परिलक्षित नहीं हुआ है...

कॉप-30 सम्मेलन-वक्त कम, अपेक्षाओं का है अंबार !...

ब्राजील के बेलेम में 10 नवंबर से 21 नवंबर 2025 तक आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन (कॉप-30) शुक्रवार को (21 नवंबर 2025) खत्म हो गया। उम्मीद जताई गई कि बेहतर भविष्य के लिए सभी देश मिलकर काम करेंगे, लेकिन जैसी उम्मीद की जा...

प्री वेडिंग फोटो शूट : यादों का खजाना या मर्यादा का हनन...

आजकल देशभर में प्री-वेडिंग शूट का एक चलन बढ़ता ही जा रहा है। पिछले कुछ सालों में प्री वेडिंग शूट शादी की फोटो एल्बम बनाने से ज्यादा ज़रुरी बन चुके हैं। प्री वेडिंग देश में एक लक्जरी इंडस्ट्री के रूप में उभर रहा है जो अपने बजट के ह...

भारत में जलवायु संकट-स्वास्थ्य एवं समृद्धि पर कहर...

जलवायु परिवर्तन से उपजी पर्यावरणीय चुनौतियाँ आज मानव सभ्यता के अस्तित्व तक को प्रभावित कर रही हैं। जलवायु परिवर्तन अब कोई दूर का वैज्ञानिक विचार नहीं, बल्कि तत्काल अनुभव किया जाने वाला यथार्थ है, जिसकी भयावहता का प्रमाण सीएसई और ड...

साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरा : क्लाउडफ्लेयर की गड़बड़ी से मिली स...

मंगलवार, 18 नवंबर 2025 को शाम करीब 5:20 बजे से क्लाउडफ्लेयर नेटवर्क में तकनीकी गड़बड़ी आ गई।इस तकनीकी गड़बड़ी ने दुनिया भर की ऑनलाइन सेवाओं को यकायक रोक दिया। चैटजीपीटी, ट्विटर (एक्स प्लेटफार्म),कैनवा, डिस्कोर्ड और कई बड़े प्लैटफॉ...

शिक्षा, संचार और जागरूकता बढ़ाने में टेलीविजन की महत्वपूर्ण भूमिक...

संयुक्त राष्ट्र की ओर से हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम इस शक्तिशाली माध्यम का सही उपयोग करें और इसे शिक्षा, मनोरंजन एवं जागरूकता के साथ स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का ए...

शेख हसीना प्रत्यर्पण विवाद: भारत की कूटनीतिक रणनीति और कानूनी आधा...

भारत द्वारा बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित न करने का मुद्दा दक्षिण एशिया की राजनीति में ऐसे समय उभरकर सामने आया है जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिरता, शक्ति-संतुलन और वैश्विक दबावों के बीच एक निर्णायक चरण से...

राजनीति के फलते फूलते और दरकते सियासी परिवार...

कभी देश के प्रधानमंत्री के पद के नज़दीक पहुंचे लालू प्रसाद यादव का सियासी परिवार अब बिखरने के कगार पर है। बिहार चुनाव में करारी हार के बाद लालू परिवार की एकता छिन्न भिन्न हो गई है। बिहार में परिवारवाद कोई नया मुद्दा नहीं है मगर सबस...

क्या एआइ सोख रही है नीले ग्रह का पानी ?...

आज एआइ(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का जमाना है। दुनिया में आज एआइ के प्रति प्यास निरंतर बढ़ती चली जा रही है, क्यों कि आज शिक्षा, स्वास्थ्य (हेल्थकेयर), खेती-किसानी, सुरक्षा, बैंकिंग और वित्त, उधोग और निर्माण (इंडस्ट्री एंड मैनुफैक्चरि...

मुख्यमंत्री होकर भी अब उछल−कूद नही कर सकेंगे नीतीश कुमार...

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का ये कथन इस बार के बिहार के जनादेश पर सही उतरता है कि बिहार दुनिया को राजनीति सिखाता है। इस जनादेश ने जहां विपक्षी दलों को उनकी औकात बता दी,वहीं नीतीश कुमार को भी बता दिया कि अगले पांच साल भाजपा के बिना ग...