जयपुर। राजस्थान में भाजपा सरकार के करीब तीन साल के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का डबल इंजन राजस्थान में विकास के बजाय बदहाली का कारण बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से बड़े-बड़े वादे और गारंटियां की थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और गरीब वर्ग परेशान हैं। दिल्ली से जयपुर तक डबल इंजन सरकार का प्रचार किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश में विकास की गाड़ी पटरी से उतर चुकी है। पवन खेड़ा ने अपने बयान में पंचायती राज व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पंचायत चुनावों को लटकाकर लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर किया है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जगह अफसरशाही को महत्व दिया जा रहा है और पंचायतों को मिलने वाली वित्तीय सहायता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने मनरेगा के करीब 4,501 करोड़ रुपए बकाया होने का दावा करते हुए कहा कि गांवों के विकास के लिए मिलने वाला पैसा अटका हुआ है।
पंचायत चुनावों में देरी पर उठाए सवाल
खेड़ा ने कहा कि राजस्थान वह प्रदेश है, जहां 1959 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की थी। लेकिन आज इसी प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अदालत के निर्देशों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया में देरी कर रही है। पंचायत चुनावों में मतगणना संबंधी अनियमितताओं, फर्जी मतदान और पुनर्मतगणना से इनकार जैसे आरोप भी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि पंचायतों को मजबूत करने के बजाय सरकार उन्हें कमजोर करने में लगी है।
किसानों से किए वादे अधूरे, कर्ज और खाद की समस्या
किसानों के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले किसानों को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज किसान कर्ज, खाद, बीज और फसल बीमा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में खाद और कीटनाशकों के 2,220 नमूने जांच में फेल हुए हैं। बाजरा, ज्वार, चना, मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के वादे भी पूरे नहीं हुए। उन्होंने प्रदेश के किसानों पर करीब 1.92 लाख करोड़ रुपए का कर्ज होने का दावा करते हुए कहा कि सरकार कर्जमाफी के मुद्दे पर पीछे हट गई है। फसल बीमा के लंबित क्लेम, कम मुआवजा और कथित अनियमितताओं ने किसानों की परेशानी बढ़ाई है। खेड़ा के अनुसार, प्रदेश के 6.79 लाख किसान फसल बीमा योजना से बाहर हो चुके हैं, जबकि भुगतान के बावजूद 6,578 किसानों को बिजली कनेक्शन का इंतजार करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा
पवन खेड़ा ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने प्रसूताओं की मौतों, कफ सिरप से बच्चों की मौत, गलत रक्त चढ़ाने से मरीजों की जान जाने और एसएमएस अस्पताल में आगजनी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। उन्होंने RGHS योजना में भ्रष्टाचार और भुगतान संबंधी समस्याओं का आरोप लगाया। साथ ही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई 25 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा और राइट टू हेल्थ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इन व्यवस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं तो सरकार किस आधार पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
शिक्षा के मुद्दे पर खेड़ा ने कहा कि प्रदेश के करीब 41 हजार सरकारी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा विभाग में लगभग डेढ़ लाख पद खाली हैं। छात्राओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाने का वादा अधूरा है और कई स्कूलों में मिड-डे-मील की बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने आरटीई के भुगतान में देरी और विद्यार्थियों तथा बालिकाओं से जुड़ी 37 योजनाओं में से 21 के लिए बजट जारी नहीं होने का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार करने के बजाय सरकार स्कूलों की बदहाली सामने आने से रोकने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है। स्कूलों की तस्वीर बदलने के बजाय उनकी वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश की जा रही है।
भ्रष्टाचार और माफिया राज का लगाया आरोप
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कांग्रेस नेता ने अनंता रिजॉर्ट को विशेष पैकेज दिए जाने के मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इस मामले में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जा रही है। खेड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार में पेपर माफिया, बजरी माफिया और खनन माफिया के साथ अब खेजड़ी माफिया के आरोप भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने उड़ान योजना में सैनिटरी पैड वितरण के लक्ष्य और वास्तविक वितरण में बड़े अंतर का दावा किया। इसके अलावा बच्चों के दूध की कथित हेराफेरी, पेंशन और पालनहार योजनाओं में फर्जी खातों, गरीबों के गेहूं की कालाबाजारी तथा निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़कों के खराब होने जैसे मामलों को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कांग्रेस बोली- जनता को जवाब दे सरकार
पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार के तीन साल का हिसाब जनता के सामने है। सरकार ने विकास के बजाय बदहाली, सुशासन के बजाय कुशासन और गारंटी के बजाय वादाखिलाफी दी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता अब डबल इंजन सरकार के नारों से बहलने वाली नहीं है। न्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसानों के सम्मान, युवाओं के भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा, आमजन के अधिकारों और पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। खेड़ा ने अपने बयान के अंत में कहा कि भाजपा का डबल इंजन फेल हो चुका है और राजस्थान की जनता उसके राजनीतिक खेल का खामियाजा भुगत रही है।



