जयपुर। बचपन को सुरक्षित रखने और देश के स्वस्थ भविष्य के निर्माण को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला जयपुर द्वितीय में एक नवाचार- “मिशन मधुहारी” का संचालन किया जा रहा है। मिशन मधुहारी टाइप -1 मधुमेह से ग्रसित ऐसे बच्चों-किशोरों के लिए संचालित किया जा रहा है, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है। इसके अंतर्गत उपजिला अस्पताल चाकसू में उपचार से तहसील निवाई (टोंक) निवासी 15 वर्षीया बालिका बेबी अंकिता को अभूतपूर्व लाभ मिला है।
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि दसवीं की छात्रा बेबी अंकिता जाट को विगत दिसंबर, 2023 से टाइप-1 मधुमेह है और वह वर्तमान में उपजिला अस्पताल, चाकसू में मिशन मधुहारी कार्यक्रम के अंतर्गत उपचार ले रही हैं। अंकिता का कहना है कि यहाँ उनकी सभी जाँचे निःशुल्क हो रही हैं। साथ ही सभी दवाईयां ग्लूकोमीटर, ग्लूको स्ट्रिप इत्यादि निःशुल्क मुहैया करवाई जा रही है। वे नियमित फॉलोअप के लिए यहां आती हैं और नियमित उपचार से वे अब खुद के स्वास्थ्य को बेहतर महसूस करती हैं।
डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि एनसीडी कार्यक्रम के तहत संचालित किए जा रहे मिशन मधुहारी के तहत जयपुर द्वितीय जिले के जिला अस्पताल सांगानेर, उप जिला अस्पताल चाकसू व उप जिला अस्पताल सांभर को शामिल किया गया है। मिशन मधुहारी में शामिल राजकीय चिकित्सा संस्थानों में विशेष रूप से क्लिनिक विकसित करते हुए यहां शिशु रोग विशेषज्ञ एवं जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. सुरेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि मिशन मधुहारी के तहत टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित किशोर-किशोरियों के हैल्थ फॉलोअप, नियमित उपचार और दवा वितरण का कार्य माह के हर शुक्रवार को किया जा रहा है। इस दिन विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा यहां हैल्थ चैकअप के लिए आने वाले टाइप -1 मधुमेह से ग्रसित बच्चों को इंसुलीन, एक ग्लूको मीटर तथा प्रतिमाह के लिए सौ ग्लूको स्ट्रिप व लेनसेट निःशुल्क मुहैया करवाई जा रही है।


