जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की क्षमता नहीं, बल्कि व्यक्ति को ज्ञान, आत्मनिर्भरता, जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। श्री देवनानी ने कहा कि एक शिक्षित और जागरूक नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है। साक्षरता व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास करने के साथ ही उसे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाती है तथा समाज की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सक्षम करती है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा ने सदैव शिक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया है। ज्ञान व्यक्ति के जीवन को दिशा देने के साथ-साथ समाज में विवेक, समानता, आत्मविश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा और ज्ञान की पहुंच सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज के तकनीकी और ज्ञान आधारित युग में साक्षरता का स्वरूप और अधिक व्यापक हो गया है। डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता और सामाजिक चेतना भी आधुनिक सशक्तिकरण के महत्वपूर्ण आयाम हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज का प्रत्येक वर्ग शिक्षा और ज्ञान की मुख्यधारा से जुड़ सके। श्री देवनानी ने कहा कि साक्षरता से ही व्यक्ति आत्मनिर्भर बनता है और राष्ट्र की प्रगति में प्रभावी योगदान देने में सक्षम होता है। उन्होंने शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से आह्वान किया कि वे समाज में शिक्षा के प्रसार और निरक्षरता के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस हमें संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है कि हम शिक्षा के प्रकाश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करें तथा एक जागरूक, शिक्षित, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
साक्षरता से सशक्त होता है समाज और विकसित होता है राष्ट्र : देवनानी
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