बूंदी। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन ही आजीविका का मुख्य साधन होता है, लेकिन किसी बीमारी या हादसे में पशुओं की अकाल मृत्यु का डर हमेशा पशुपालकों को सताता रहता है। इन्द्रगढ तहसील के सुमेरगंजमंडी पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ने इस डर को हमेशा के लिए दूर कर पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है।
‘ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर’ में ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत पशु बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया। शिविर में जैसे ही लाभार्थी रुक्मणी बाई, गंगा बाई और पदमा कुमारी के हाथों में बीमा पॉलिसी सौंपी गई, उनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। लाभान्वित पशुपालकों ने कहा कि राज्य सरकार ने उनके दुधारू पशुओं को निःशुल्क बीमे का जो सुरक्षा कवच दिया है, उससे अब उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता नहीं सताएगी।
शिविर में योजना के तहत जनाधार कार्ड धारक पात्र पशुपालकों के दुधारू पशुओं सहित बकरी, भेड़ व ऊंट का एक वर्ष के लिए निःशुल्क बीमा किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 42 लाख पशुओं को इस बीमा कवरेज में लाने का प्रावधान किया गया।



