नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने की समीक्षा बैठक

ram

जयपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को शासन सचिवालय में आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक में चुनाव प्रक्रिया के सुचारू, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संचालन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। राजेश्वर सिंह ने कहा कि एक राज्य-एक चुनाव के तहत सभी पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में एक साथ चुनाव कराने का निर्णय लेने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता,प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता तथा चुनाव के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना है। एक साथ चुनाव कराने से आर्थिक बचत और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा, जिससे विकास योजनाओं की गति में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि समयबद्ध चुनाव कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।
कानून-व्यवस्था एवं निर्वाचन कार्मिकों की उपलब्धता पर जोर
राजेश्वर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने,आवश्यकतानुसार पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही,नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने,संवीक्षा एवं नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा 21 जुलाई, 2026 को जारी आदेश में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के आम चुनाव के संदर्भ में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।
चरणबद्ध चुनाव व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की चरणबद्ध व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राजेश वर्मा ने बताया कि 39 जिलों में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में तथा दो जिलों फलोदी एवं सलूम्बर में एक चरण में कराए जाएंगे।इसी प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए 36 जिलों में चार चरणों, 4 जिलों में दो चरणों तथा एक जिले में एक चरण में चुनाव कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। जैसलमेर जिले में एक चरण के अनुसार चुनाव की व्यवस्था है। बैठक के दौरान वर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में 140 नगर निकायों, 5,050 वार्डों एवं 10,185 मतदान केन्द्रों के लिए 71,295 सिविल निर्वाचन टीम एवं 61,110 पुलिस कार्मिकों की आवश्यकता होगी, जबकि द्वितीय चरण में 169 नगर निकाय, 5,195 वार्ड एवं 6,280 मतदान केन्द्रों के लिए 43,960 सिविल निर्वाचन टीम तथा 37,680 पुलिस कार्मिकों की आवश्यकता होगी।
ईवीएम एवं मतपेटी से होगा मतदान
वर्मा ने बताया कि निर्वाचन में पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं नगर निकाय सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। वहीं पंच एवं सरपंच के निर्वाचन के लिए मतपेटी के माध्यम से मतदान होगा। बैठक में गृह विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, वित्त विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, पंचायती राज विभाग तथा कार्मिक विभाग से संबंधित तैयारियों एवं आयोग के आदेशों की अनुपालना की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी.रविकान्त ,महानिदेशक पुलिस संजय अग्रवाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के.सिंह , संयुक्त शासन सचिव वित्त विभाग वरूण मिश्रा ,संयुक्त शासन सचिव गृह मनीष गोयल , उपनिदेशक स्थानीय निकाय विभाग मुकेश मूंड सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *