हरियाणा के डबवाली में राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम का डिकॉय ऑपरेशन, भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह का शातिर दलाल गिरफ्तार

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जयपुर। राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम ने ऑपरेशन अकड़ तोड़ के तहत हरियाणा के डबवाली में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह से जुड़े एक शातिर दलाल राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि आदतन अपराधी राकेश कुमार पूर्व में भी पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पकड़ा जा चुका है। एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि पीसीपीएनडीटी टीम पिछले छह माह से आरोपी राकेश की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। यह गिरोह लंबे समय से राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था। आरोपी दलाल हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर से गर्भवती महिलाओं को हरियाणा ले जाकर यह कार्य करता था। उन्होंने बताया कि सुनियोजित रणनीति के तहत गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाकर दलाल से संपर्क किया गया। दलाल ने भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में राशि रु. 36 हजार 500 रुपए की मांग की, जिसके बाद महिला को हरियाणा के डबवाली स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। मिशन निदेशक ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर पीसीपीएनडीटी टीम लगातार नजर बनाए हुई थी। अस्पताल में सोनोग्राफी एवं अन्य जांच के बाद जैसे ही दलाल ने कथित रूप से भ्रूण का लिंग बताकर महिला को बाहर भेजा, पहले से तैनात टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल से संबंधित दस्तावेज, सोनोग्राफी रेकार्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों एवं संबंधित अस्पताल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मिशन निदेशक ने आमजन से भ्रूण लिंग परीक्षण कराने वाले दलालों और ऐसे अवैध नेटवर्क से सतर्क रहने की अपील की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों को गुमराह करता रहा है। अधिकांश मामलों में गर्भ में बेटी होने की झूठी जानकारी देकर गर्भपात के लिए प्रेरित करता रहा है। इस डिकॉय कार्रवाई में बीकानेर संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में गठित पीसीपीएनडीटी टीम ने अहम भूमिका निभाई है। अभियान में पीबीआई थाना के सीआई संतोष कुमार, मंजू मीणा, कांस्टेबल शानु चौधरी व नरेंद्र कुमार, पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण, नंदलाल पुनिया, रणदीप सिंह, आईईसी समन्वयक विनोद बिश्नोई ने समन्वित रूप से शामिल रहे।
वर्ष 2019 से बाद अब फिर आया पकड़ में
उल्लेखनीय है कि आरोपी राकेश कुमार वर्ष 2019 में पीसीपीएनडीटी टीम के धक्के चढ़ा और उसे मौके से पकड़ा। उस दौरान आरोपी का खुद का संगरिया में अल्ट्रासाउंड केंद्र था, जो कार्रवाई के बाद में बंद हो गया। इसके बाद कुछ सालों तक आरोपी इससे दूर रहा लेकिन पिछले दो तीन सालों से फर्जी भ्रूण लिंग जांच करवाने लग गया। इसी दौरान टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली।

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