विदेश संपर्क–स्टेट आउटरीच कॉन्फ्रेंस, सुरक्षित तरीके से विदेश जाने और फर्जी एजेंटों से बचाव पर हुआ मंथन

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जयपुर। विदेश मंत्रालय और राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘विदेश संपर्क–स्टेट आउटरीच कॉन्फ्रेंस’ में भारतीयों के सुरक्षित तरीके से विदेश जाने और फर्जी एजेंटों से बचाव पर विचार- विमर्श किया गया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में गुरुवार को आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों, राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों के एवं जिला स्तर के अधिकारी, राजस्थान पुलिस के अधिकारी, भर्ती एजेंट तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने ‘राजस्थानी विदेश सुरक्षित जाएं, प्रशिक्षित जाएं’ विषय पर गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान उद्घाटन एवं समापन सत्रों के साथ ही दो विशेष विषयगत सत्र आयोजित किए गए। समापन सत्र में दिनभर की चर्चाओं के प्रमुख निष्कर्ष एवं भावी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
विदेश जाने की प्रक्रिया हुई सरल, अब तुरंत बन रहे पासपोर्ट: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने उद्घाटन सत्र में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी भारतीयों से संवाद बढ़ा है। जब प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं तो वहां बसे भारतीयों की जोश भरी तस्वीरें सामने आती हैं। कोरोना के समय विदेश में बसे भारतीयों को अपने वतन लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वंदे भारत मिशन संचालित किया गया, जो प्रवासियों के प्रति भारत सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण का उदाहरण है। साथ ही, नौकरी और पढ़ाई के लिए विदेश जाने की प्रक्रिया को आसान कर दिया गया है। पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया भी अब काफी सरल हो गई है, पुलिस सत्यापन में लगने वाला समय भी पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। राजस्थान सरकार द्वारा प्रवासी राजस्थानियों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है।
गांवों तक पहुंचाएंगे सुरक्षित विदेश जाने की जानकारी: सचिव (सीपीवी एवं ओआईए)
विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीमती श्रीप्रिया रंगनाथन ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि विदेश जाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए ताकि नौकरी और पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों को वहां कोई समस्या न हो। वर्ष 2017 में शुरू की गई विदेश संपर्क कॉन्फ्रेंस का उद्देश राज्य सरकारों के साथ मिलकर लोगों को जागरुक करना है ताकि लोग वैध रूप से विदेश जाएं और फर्जी एजेंटों से बच सकें। राजस्थान सरकार के साथ मिलकर गांवों तक सुरक्षित विदेश जाने के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, राज्यों से विदेश जाने वाले लोगों के सटीक डेटा एकत्रित कर रहे हैं ताकि प्रक्रिया को और बेहतर किया जा सके।
राजस्थान पुलिस प्रवासी राजस्थानियों की सहायता के लिए हमेशा तैयार: डीजीपी
राजस्थान पुलिस के महानिदेशक श्री राजीव शर्मा ने कहा कि राज्य की पुलिस सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्य कर रही है। प्रवासी राजस्थानियों किसी भी मुसीबत में हो तो राजस्थान पुलिस से संपर्क कर सकते हैं, हम सहायता के लिए हमेशा तैयार हैं। सत्यापित और पारदर्शी तरीके से विदेश जाने की प्रक्रिया को और मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
प्रवासी राजस्थानी दिवस पर इस वर्ष भी होगा भव्य आयोजन
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि इस वर्ष भी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसमें देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे। यह आयोजन दुनियाभर में बसे प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ने, निवेश, नवाचार, संस्कृति और विकास के नए अवसरों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (डोरा) के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, आयुक्त एवं विशिष्ट सचिव डॉ. मनीषा अरोड़ा, रीको प्रबंध निदेशक श्री सुरेश कुमार ओला, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त, श्री नीलाभ सक्सेना सहित विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य की अधिकृत 20 प्रमुख भर्ती एजेंसियों के प्रतिनिधि, 16 जिलों के एडीएम, एनएसडीसी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक शामिल हुए। राजस्थान फाउंडेशन के 40 चैप्टर अध्यक्ष और प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से जुड़े। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (डोरा) और राजस्थान फाउंडेशन इसके नोडल विभाग हैं।
प्रथम विषयगत सत्र : प्रवासी भारतीयों के कल्याण, संरक्षण एवं पासपोर्ट सेवाओं पर हुआ मंथन
प्रथम विषयगत सत्र में प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव, उनके कल्याण एवं संरक्षण, पासपोर्ट सेवाओं तथा विदेशों में अध्ययनरत भारतीय विद्यार्थियों और प्रवासी राजस्थानी समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (डायस्पोरा एंगेजमेंट) श्री अंकन बनर्जी ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव, भारत सरकार की विभिन्न प्रवासी योजनाओं और प्रवासी समुदाय की सहभागिता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर ए. सावंत ने विदेशों में रह रहे प्रवासी राजस्थानी समुदाय के समक्ष आने वाली चुनौतियों, विशेषकर वैवाहिक विवादों एवं विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्री विपुल देव ने पासपोर्ट सेवाओं में किए गए सुधारों और सेवा वितरण की जानकारी दी, विदेश मंत्रालय के अवर सचिव (सीपीवी) श्री तरुण कुमार ने प्रवासी भारतीयों के कल्याण एवं संरक्षण, कान्सुलर सेवाओं, नागरिकता सत्यापन तथा शिकायत निवारण तंत्र पर प्रस्तुति दी।
द्वितीय विषयगत सत्र : सुरक्षित एवं वैध प्रवासन, कौशल विकास, निवेश एवं पर्यटन पर हुई चर्चा
द्वितीय विषयगत सत्र में सुरक्षित एवं वैध प्रवासन, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण, विदेशी रोजगार, व्यापार एवं निवेश तथा पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री जॉन माई ने सुरक्षित एवं वैध प्रवासन, ई-माइग्रेट पोर्टल, भर्ती एजेंसियों के पंजीकरण तथा अवैध भर्ती पर रोक लगाने के उपायों की जानकारी दी। राजस्थान पुलिस के डीआईजी श्री प्रदीप मोहन शर्मा एवं डीआईजी श्री भुवन भूषण यादव ने पासपोर्ट सत्यापन, पुलिस क्लीयरेंस, फर्जी एजेंटों पर कार्रवाई तथा अवैध प्रवासन की रोकथाम के प्रयासों पर प्रकाश डाला। विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव (ईपी एवं डब्ल्यू) श्रीमती जीना उइका ने कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और प्रवासी भारतीय कल्याण योजनाओं की जानकारी दी। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संदीप वर्मा ने कौशल विकास एवं विदेशी रोजगार, विदेश मंत्रालय की अवर सचिव (ईडी) सुश्री आश्मा गर्ग ने विदेशों में व्यापार एवं निवेश के अवसर, डोरा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल ने प्रवासी राजस्थानी समुदाय के लिए निवेश संभावनाओं, आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने राजस्थान सरकार की प्रवासी पहलों, पर्यटन विभाग की सचिव श्रीमती शुचि त्यागी ने पर्यटन नीति एवं पर्यटन संभावनाओं तथा विदेश मंत्रालय के अवर सचिव (स्टेट्स) श्री हरमोन एन. कुजूर ने विदेश मंत्रालय और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उपायों पर अपने विचार रखे। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्री विपुल देव ने भी चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए पासपोर्ट सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी।
राजस्थान में पहली बार आयोजन
विदेश मंत्रालय द्वारा विदेश संपर्क कार्यक्रम का शुभारंभ वर्ष 2017 में किया गया था। राजस्थान में यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है। तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, त्रिपुरा, बिहार, उत्तराखंड तथा आंध्र प्रदेश राज्य सरकारों के सहयोग से आयोजित किया जा चुका है।

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