जयपुर। राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (रिडको) की भूमि आवंटन एवं भूमि मूल्य निर्धारण नीति को स्वीकृति मिल गई है। जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया में रिडको द्वारा विकसित औद्योगिक टाउनशिप में अब भूखण्ड आवंटन, प्रबंधन एवं निस्तारण हो सकेगा। नीति के अंतर्गत प्रत्यक्ष आवंटन योजना या अन्य माध्यमों से भूखण्ड आवंटन हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, एफडीआई परियोजनाओं एवं अन्य निवेशों के लिए भूखण्ड आवंटन की विशेष प्रक्रिया एवं ई-नीलामी की व्यवस्था आदि का प्रावधान किया गया है। एनआईसीडीसी द्वारा जारी मॉडल फ्रेमवर्क पर आधारित यह नीति राजस्थान की स्थानीय आवश्यकताओं एवं निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। दिल्ली- मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत विकसित किये जा रहे पांच नोड में से एक नोड जोधपुर—पाली—मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया है जोकि जोधपुर से 22 कि.मी. एवं पाली से 40 कि.मी. की दूरी पर स्थित तहसील रोहट की भूमि पर रिडको द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 62 एवं राज्य राजमार्ग 64 पर स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग से इस क्षेत्र में वाहनों के आवागमन हेतु एनएचएआई के द्वारा अण्डरपास का निर्माण किया गया है। लगभग 823 रूपये करोड़ की राशि से रोहट और मारवाड़ जंक्शन को जोड़ने वाली रेलवे लाइन की दोहरीकरण की योजना को रेलवे बोर्ड की सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल चुकी है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा इस क्षेत्र में आने वाली औद्योगिक इकाइयों को गैस उपलब्ध करवाने हेतु 4.5 कि.मी. लंबाई में गैस पाइप लाइन तथा पाली और जोधपुर को जोड़ने वाली गैस ग्रिडलाइन महसाना-भटिण्डा से डालने की परियोजना तैयार कर ली गई है। राजस्थान में विकसित किये जा रहे प्रथम नोड जोधपुर—पाली—मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने हेतु रिडको द्वारा राशि रूपये 370 करोड़ का कार्यादेश दिसंबर 2025 में जारी किया गया है जिसके अंतर्गत कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त रीको द्वारा इस क्षेत्र में विद्युत एवं जल उपलब्धता हेतु विद्युत वितरण निगम लिमिटेड एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से डिपोजिट वर्क करवाये जा रहे हैं। दोनों ही विभागों द्वारा संबंधित कार्य प्रारंभ किये जा चुके हैं। रिडको के अंतर्गत जेपीएमआईए फेज-प्रथम में कुल बिक्री योग्य भूमि क्षेत्र लगभग 1186 एकड़ हैं। प्रारंभिक निवेशकों द्वारा अग्रिम भुगतान करने पर रियायती दर/छूट, आगामी वर्षों में भूमि दरों की चरणबद्ध बढ़ोतरी तथा 11 त्रैमासिक ब्याजयुक्त किस्तों के माध्यम से स्थगित भुगतान की व्यवस्था भी नीति के अंतर्गत रखी गई है। प्रस्तावित नीति में सामान्यतः भूखण्डों का आवंटन 99 वर्ष की लीज पर किया जाएगा। वहीं फ्लैटेड फैक्ट्री, प्लग-एंड-प्ले, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विशेष क्षेत्रों के लिए 33 से 66 वर्ष तक की लचीली लीज अवधि तथा नवीनीकरण का प्रावधान भी रखा गया है। इसके अतिरिक्त नीति में फ्लैटेड फैक्ट्री, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), पूर्व-निर्मित औद्योगिक अवसंरचना, आवासीय एवं सामाजिक अवसंरचना हेतु पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजनाओं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं तथा उपयोगिताओं एवं सहायक सुविधाओं के विकास से संबंधित प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। रिडको, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (NICDIT), भारत सरकार एवं रीको के संयुक्त उपक्रम के रूप में गठित कंपनी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) के अंतर्गत एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप एवं आधारभूत संरचना का विकास करना है। रीको के प्रबन्ध निदेशक एवं रिडको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक श्री सुरेश ओला ने बताया कि रिडको, जेपीएमआईए की औद्योगिक टाउनशिप परियोजना के प्रथम चरण में चिन्हित औद्योगिक भूखण्डों के सीमांकन के तुरंत बाद उनका आवंटन प्रारंभ करने की योजना बना रहा है। इस क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। सेक्टर विशेष जोन भी स्थापित होंगे जिससे इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हो सकेगा। रिडको की भूमि आवंटन नीति से राजस्थान में निवेश बढ़ने, औद्योगिक विकास को गति मिलने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
रिडको की नई भूमि आवंटन एवं मूल्य निर्धारण नीति को मिली मंजूरी, निवेश एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
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