पूर्व सीएम का सरकार पर तीखा हमला : बोले—राज्य में पूरी तरह चौपट कानून-व्यवस्था, एक महीने में सात हत्याएं

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जयपुर। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से रूबरू होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय हालातों पर राज्य व केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राजस्थान में पिछले एक महीने में हुई हत्याओं का ब्यौरा पेश करते हुए सरकार को घेरने के साथ-साथ मंत्रियों को पारिवारिक हस्तक्षेप पर कड़ी नसीहत दी। इस बातचीत को गहलोत ने अपने एक्स हैंडल पर भी अपलोड किया है। “बेटों को सत्ता के नजदीक लाओगे, तो वो आपको बदनाम कर देंगे” राजसमंद विधायक के पुत्र और अन्य मंत्रियों के परिवारों पर लग रहे आरोपों पर कटाक्ष करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बड़ी सलाह दी:
सख्त हिदायत : उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और सभी मंत्रियों को चाहिए कि वे अपने बेटों को सरकार से दूर रखें। अगर आप उन्हें नजदीक लाएंगे, तो वे बिगड़ जाएंगे और आपको, सरकार को व मुख्यमंत्री को बदनाम करवा देंगे।”
संस्कारों पर जोर : उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे अपने बच्चों को घर के अंदर अच्छे संस्कार दें, न कि उन्हें सत्ता की गतिविधियों में शामिल करें। राजस्थान में चल रही चर्चाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक ये बातें शायद पहुँच नहीं रही हैं।
“एक महीने में 7 हत्याएं, मुख्यमंत्री के गृह जिले में भी मची है लूट”
प्रदेश की सुरक्षा स्थिति पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था का नामोनिशान नहीं बचा है। उन्होंने सूची पेश करते हुए हालिया घटनाओं का जिक्र कियाद्ध
मुख्यमंत्री का जिला : भरतपुर में ज्वेलर की हत्या।
बड़ी वारदातें : फलोदी में नकाबपोशों द्वारा हत्या, जयपुर में प्रॉपर्टी डीलर पर फायरिंग, और बाड़मेर में व्यापारी की दुकान में घुसकर हत्या।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एफआईआर (FIR) की अनिवार्यता खत्म कर दी है और केवल ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति : ट्रंप के व्यवहार और विदेश मंत्री की भाषा पर आपत्ति
अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी:
ट्रंप के बयान : उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिए गए विरोधाभासी बयानों (दोस्त कहना और फिर राजनीतिक करियर खत्म करने की बात करना) को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
विदेश मंत्री पर निशाना: पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर विदेश मंत्री द्वारा ‘दलाली’ शब्द के इस्तेमाल को उन्होंने अमर्यादित करार दिया। उन्होंने कहा कि शांति प्रयासों के लिए ऐसी भाषा का उपयोग देश की छवि के लिए ठीक नहीं है।
एलपीजी संकट पर सर्वदलीय बैठक का स्वागत
प्रदेश में एलपीजी किल्लत को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक की उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को शामिल करना एक अच्छा कदम है, जैसा उन्होंने स्वयं कोविड काल के दौरान किया था।

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