एक दिवसीय संयुक्त क्षमतावर्धन कार्यक्रम हुआ आयोजित

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झालावाड़। आईटीसी मिशन सुनहरा कल, जिला परिषद कोटा और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जिला परिषद् के सभागार में एक दिवसीय संयुक्त क्षमतावर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, जेटीए, वाटरशेड विभाग के साथ राजीविका डीपीएम, वन विभाग, ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, प्रशासक सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पौधशाला विकास एवं बीज संग्रहण प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण से पूर्व में जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभू दयाल मीणा द्वारा जिले को प्राप्त नर्सरी विकास एवं बीज बैंकों के टास्क के बारे में विस्तार से बताया गया एवं इस प्रशिक्षण के महत्व के बारे में चर्चा की गई। मनरेगा के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र निमेष ने पौधशाला विकास पर विशेष बल देते हुए कहा की पौधशाला का समय निकला जा रहा है, और आगामी वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पौधशालाओं का विकसित होना अत्यंत जरूरी है। इसलिए आज के प्रशिक्षण को गंभीरता से ले और इस हफ्ते में पौधशालाओं का कार्य प्रारंभ करें।
एफ. ई. एस. के क्षेत्रीय समन्वयक कैलाश शर्मा द्वारा सामूहिक क्षमतावर्धन कार्यक्रम के विषय में पूर्ण जानकारी प्रदान की गई तथा पिछले वर्षों में हुई प्रगति को भी सभी के साथ साझा किया गया। इस दौरान डॉ. सतीश शर्मा द्वारा बीज संग्रहण एवं पौधशाला विकास विषय पर सघन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उन्होंने बीज को इकट्ठा करना क्यों जरूरी है, लोकल बीज का क्या महत्व है, कौन से बीज इकट्ठे करने योग्य हैं के विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही नर्सरी विकास की तकनीकी जानकारी से भी अवगत कराया। प्रशिक्षण के पश्चात झालावाड़ वन सेवा से सेवानिवृत बिरदीलाल ने बीज बैंक एवं नर्सरी विकास के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।

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