श्रीगंगानगर। राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमि0 जयपुर द्वारा वित्तिय वर्ष 2026-27 हेतु प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों, समूह को स्वरोजगार के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाये जाने हेतु लक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम श्रीगंगानगर के परियोजना प्रबंधक श्री विरेन्द्र पाल ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत बैंकों, बैंकिग संस्थाओं के द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों, समूहों को शहरी पोप, ग्रामीण पोप, ऑटोरिक्शा, ई-रिक्शा, डेयरी योजना एवं मुद्रा योजना के माध्यम से स्वरोजगार हेतु किये जाने वाले कार्यों यथा किरयाना दुकान, मोबाईल शॉप, टेन्ट हाउस, ई-मित्रा, स्टेशनरी शॉप, डेयरी कार्य, फर्नीचर दुकान, जनरल सामान दुकान, टू वहीलर रिपेयर, फल-सब्जी दुकान, चर्म व्यवसाय, जूते निर्माण, बैकरी, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, रेडिमेड गारमेन्ट दुकान इत्यादि कार्य हेतु ऋण उपलब्ध करवाये जाने पर परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या राशि 50000 रूपये जो भी दोनों में से कम हो, तक का अनुदान कार्यालय अनुजा निगम के माध्यम से सीधे ही लाभार्थी के व्यक्तिगत बैंक खाते में हस्तान्तरित किया जायेगा।
इस योजना मे लाभ प्राप्त करने हेतु अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्ति/समूह कार्यालय परियोजना प्रबन्धक राजस्थान अनुजा निगम, कमरा नं. 45 कलेक्टेªट परिसर श्रीगंगानगर से निःशुल्क आवेदन पत्र प्राप्त कर सकता है। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेजों (अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, बैंक पास बुक, वार्षिक आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि) के साथ पूर्ण कर सीधे ही इस कार्यालय में जमा करवाये जा सकते हैं।
स्वरोजगार हेतु ऋण प्राप्ति पर 50000 रूपये तक का अनुदान
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