प्रमुख शासन सचिव कृषि ने किया राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 केंद्र का निरीक्षण, परिवादों के त्वरित निस्तारण एवं लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी लाने के दिए निर्देश

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जयपुर। प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उधानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने बुधवार को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 केंद्र का निरीक्षण कर कृषि विभाग से संबंधित परिवादों के निस्तारण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की तथा परिवादियों से दूरभाष पर संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। श्रीमती राजपाल ने पोर्टल पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पोर्टल पर दर्ज मांग एवं फंड से संबंधित प्रकरणों को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाए, ताकि लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी लाई जा सके और शिकायतों के निस्तारण की गति बढ़ाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को परिवादों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रीमती राजपाल ने जोधपुर जिले के सुरेश एवं विजय से तारबंदी योजना के तहत लंबित अनुदान राशि की शिकायत प्राप्त होने पर मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में, उन्होंने टोंक जिले के शंकरलाल एवं श्रीगंगानगर जिले के सुखपाल के लंबित फसल बीमा क्लेम, कुचामन-डीडवाना जिले के बालूराम के सेड-नेट हाउस मरम्मत से संबंधित लंबित बीमा क्लेम, कोटा जिले के विक्रम के पाइपलाइन (फव्वारा सयंत्र) की अनुदान राशी के भुगतान, झुंझुनू जिले के महीलाल से सोलर पम्प की मोटर ख़राब एवं सोलर पम्प की समस्या व रामधन सिंह से फव्वारा सयंत्र के अनुदान के भुगतान तथा करौली जिले के राम कुमार की कुट्टी यंत्र पर अनुदान राशि के भुगतान में हो रही देरी से संबंधित शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती राजपाल ने कहा कि परिवादों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में आ रही बाधाओं को चिह्नित कर उनका समाधान किया जाए, ताकि आमजन को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सके। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं आई टी विंग के अधिकारी मौजूद रहे।

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