जयपुर। विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को जिले में आयोडीन युक्त नमक के महत्व, उसकी उपलब्धता एवं नियमित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य आमजन को आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी रोकथाम के लिए प्रेरित करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि शरीर के सामान्य विकास एवं थायरॉइड ग्रंथि के सुचारू कार्य के लिए आयोडीन आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी से घेंघा सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा का सेवन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आमजन से दैनिक आहार में आयोडीन युक्त नमक का नियमित उपयोग करने की अपील की। डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. सुरेन्द्र गोयल ने बताया कि विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस के तहत जिले में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें आयोडीन युक्त नमक के उपयोग, आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों तथा उनकी रोकथाम के संबंध में जानकारी दी जाएगी। आयोडीन की कमी से बचाव के लिए आयोडीन युक्त नमक का नियमित उपयोग आवश्यक है। आमजन को नमक के उचित भंडारण एवं उपयोग के प्रति भी जागरूक किया जाएगा, ताकि भोजन में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा बनी रहे।

विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर जन-जागरूकता गतिविधियां होंगी आयोजित
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