जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शनिवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा उपखण्ड के ग्राम सुजातनगर पहुंचे, जहां उन्होंने नट समाज उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम एवं दादी रूपा सती के वार्षिक मेले में भाग लिया। राज्यपाल ने नट समुदाय की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक योगदान की सराहना करते हुए समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। राज्यपाल बागडे ने कहा कि घुमंतू समुदायों का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नट समाज ने विभिन्न ऐतिहासिक परिस्थितियों में अपनी भूमिका निभाई है, चाहे वह महाराणा प्रताप के संघर्षों में सहयोग हो या स्वतंत्रता आंदोलन में सहभागिता। उन्होंने नट समुदाय की परंपरागत कला एवं कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। राज्यपाल ने नट समाज के नन्हे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों एवं उनके एकाग्रता कौशल की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अपनी कला और कौशल को आगे बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां आधुनिक युग में नए अवसरों का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति अपनी बौद्धिक क्षमता का विकास कर रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने समुदाय के लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ें और राजकीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं। राज्यपाल ने कहा कि करीब 65 हजार की आबादी वाले घुमंतू नट समुदाय के कल्याण एवं उत्थान के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आवास, राशन, शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने समुदाय के लोगों से जागरूक होकर सरकार की योजनाओं, आरक्षण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की। राज्यपाल ने भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों से जुड़े रहना चाहिए। अपनी परंपराओं को संजोते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना ही सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है। इस दौरान राज्यपाल ने क्षेत्र के नट समुदाय की मांगों को भी सुना तथा चिकित्सा, आवास और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में नट समाज उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष कुशाल नट सहित समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का 51 किलो फूलों की माला, साफा एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिवादन किया।

नट समाज अपने कौशल को निखारते हुए शिक्षा को अपनायें एवं उत्थान के लिए अग्रसर होंवे- राज्यपाल
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