जयपुर। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी दिशा में शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद कुमार ने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) कॉल सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री आनंद कुमार ने विभाग से संबंधित परिवेदनाओं के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कई परिवादियों से ऑडियो एवं वीडियो कॉल के माध्यम से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संपर्क एआई विश्लेषण के संबंध में अधिकारियों से चर्चा करते हुए विभाग से संबंधित शिकायतों के प्रकार, उनके निस्तारण की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि एआई आधारित विश्लेषण का प्रभावी उपयोग करते हुए शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार किया जाए तथा परिवादियों की संतुष्टि दर बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। श्री आनंद कुमार ने वीडियो कॉल के माध्यम से परिवादियों से संवाद कर उनके आबादी क्षेत्रों में मगरमच्छ एवं पैंथर के मूवमेंट से उत्पन्न समस्याएं सुनी। मामलों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न परिवादियों से फ़ोन पर भी संवाद कर वन क्षेत्रों में अवैध खनन, अवैध लकड़ी कटाई तथा प्रदूषण से संबंधित शिकायतों की जानकारी प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को सभी प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने परिवादियों को वन विभाग की हेल्पलाइन 1926 के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से वन एवं वन्यजीवों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं, जिन पर विभाग द्वारा नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाती है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी सहित राजस्थान संपर्क पोर्टल के अधिकारी उपस्थित रहे।

वन एवं वन्यजीव संबंधी शिकायतें हेल्पलाइन 1926 के माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं आमजन— एसीएस
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