झालावाड़. जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मंगलवार को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित राजकीय शिशु व किशोर गृह, धनवाड़ा का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किशोर गृह में बच्चों के संरक्षण, देखभाल, स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने किशोर गृह में आवासित बच्चों की स्थिति, उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं समुचित देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, बच्चों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करते हुए सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखी जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने किशोर गृह में व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाए जाने पर संबंधित स्टाफ एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों के कार्यों की सराहना की। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने पालना गृह से संबंधित व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी भी जिला कलक्टर को दी।
सम्प्रेषण गृह में आवासित व्यक्तियों से किया संवाद
इसके पश्चात जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने राजकीय सम्प्रेषण गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां निवासरत महिला, पुरुषों एवं बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। जिला कलक्टर ने उनकी परेशानियों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए समस्याओं के नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने वहां निवासरत सभी लोगों को फल वितरित किए।
निरीक्षण के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक गौरीशंकर मीणा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा, सदस्य पूर्णिमा सिकरवार, गजेन्द्र सेन, बबली मीणा, सहायक निदेशक महावीर सिंह, प्रतिमा चौहान, संरक्षण अधिकारी बिष्णु कुमार, दीपक गौतम सहित स्टाफ उपस्थित रहा।



