जयपुर/भरतपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कर पक्षियों के प्राकृतिक आवास का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को झीलों में पानी की आवक बनाए रखने, पक्षियों की सुरक्षा तथा देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव उद्यान के प्रवेश द्वार से गोल्फ कार्ट में सवार होकर प्रमुख मार्गों से गुजरे। उन्होंने दूरबीन से ग्रे हेरॉन, पर्पल हेरॉन, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क, ग्रीन बी ईटर, पेंटेड स्टॉर्क और डार्टर सहित विभिन्न पक्षियों को देखा तथा उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उद्यान में फ्रूट बैट का भी अवलोकन किया। बर्ड व्यू टावर से झीलों और हरियाली का विहंगम दृश्य देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान वन्यजीव सप्ताह के तहत उन्होंने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में कदम्ब का पौधा रोपित किया तथा सप्ताह के तहत की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने उद्यान स्थित भगवान केवलादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। भ्रमण के बाद मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर उद्यान में आने वाले देशी और प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा, झीलों में जल उपलब्धता और पर्यटक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विश्व विरासत स्थल केवलादेव में पक्षियों के अनुकूल वातावरण बनाए रखना तथा पर्यटकों को बेहतर अनुभव देना आवश्यक है। इसके लिए झीलों में पानी की आवक निरंतर बनी रहे और उपलब्ध सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने केवलादेव घना अभयारण्य में देशी विदेशी अतिविशिष्ट व्यक्तियों के भ्रमण से संबन्धित उल्लेखों की शिला पट्टिका का अवलोकन किया। कैन्टीन स्थित ऐतिहासिक दीर्घा का भी अवलोकन कर देशी-विदेशी पक्षियों की प्रजातियों की विशेषताओं के बारे में जानकारी ली। उद्यान के निदेशक चेतन कुमार बी.वी. ने मुख्य सचिव को विकास कार्यों, पर्यटक सुविधाओं, झीलों में पानी की आवक, पक्षियों की सुरक्षा और पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर सीसीएफ पी. काथिरवेल, जिला कलक्टर कमर चौधरी, पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, सहित पुलिस, प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का किया भ्रमण, पक्षियों के आवास का अवलोकन किया, जल उपलब्धता और पर्यटक सुविधाओं की समीक्षा कीमुख्य सचिव ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का किया भ्रमण, पक्षियों के आवास का अवलोकन किया, जल उपलब्धता और पर्यटक सुविधाओं की समीक्षा की
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