शिल्पा शिरोडकर ने जॉनी लीवर को बताया ‘सबसे खास’, बोलीं- ‘आपके जादू और हंसी के बिना अधूरा है सिनेमा’

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मुंबई। फिल्मों में कभी ‘बाबूलाल’ बनकर तो कभी ‘छोटा छत्री’ और ‘असलम भाई’ जैसे किरदारों में जॉनी लीवर ने ऐसा रंग जमाया कि फिल्मों में उनका रोल छोटा हो या बड़ा, दर्शकों का ध्यान उन पर जरूर जाता था। 14 अगस्त को वह अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। इस कड़ी में अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने भी जॉनी लीवर को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। शिल्पा शिरोडकर ने इंस्टाग्राम पर जॉनी लीवर की एक तस्वीर साझा की और उनके जन्मदिन पर प्यार भरी शुभकामनाएं दीं। शिल्पा ने अपने कैप्शन में लिखा, ”हमारी इंडस्ट्री के सबसे खास लोगों में से एक, जॉनी लीवर को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। मैं हमेशा से आपके जबरदस्त टैलेंट की बहुत बड़ी फैन रही हूं, लेकिन स्क्रीन के अलावा, आप सबसे सच्चे, असली और सच में मजेदार इंसान हैं। भारतीय सिनेमा आपके जादू और हँसी के बिना सच में अधूरा है। भगवान आपको बहुत खुशी, अच्छी सेहत और कभी न खत्म होने वाली खुशियां दें। हैप्पी बर्थडे!” जॉनी लीवर की जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है। फिल्मों में आने से पहले उनकी जिंदगी काफी संघर्षों से भरी थी। आर्थिक परेशानियों के चलते उन्होंने सातवीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और मुंबई की सड़कों पर पेन बेचने का काम करते थे। इसी दौरान वह फिल्मी सितारों की नकल करके लोगों को हंसाया करते थे। धीरे-धीरे उनकी मिमिक्री और कॉमेडी का हुनर लोगों के बीच पहचान बनाने लगा। उन्होंने स्टेज पर काम शुरू किया और आगे चलकर कल्याणजी-आनंदजी के साथ भी परफॉर्म किया। 1981 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर पूरी तरह स्टेज शो को अपना लिया। उनके शो ने ऐसी पहचान बनाई कि 1982 में अमिताभ बच्चन के साथ टूर करने का मौका भी मिला। फिल्मों में जॉनी लीवर को पहला बड़ा मौका ‘तुम पर हम कुर्बान’ से मिला और इसके बाद ‘दर्द का रिश्ता’, ‘जलवा’, ‘हीरो हीरालाल’, ‘तेजाब’, ‘किशन कन्हैया’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों में वह नजर आए। 1988 में आई ‘तेजाब’ में उनका किरदार छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी कॉमेडी फिल्मों का अहम हिस्सा बनने लगी। 1993 में आई ‘बाजीगर’ ने जॉनी लीवर के करियर को नई रफ्तार दी। फिल्म में बाबूलाल के किरदार में उन्होंने ऐसी कॉमेडी की कि वह दर्शकों के बीच खास तौर पर पहचाने जाने लगे। इसके बाद ‘करण अर्जुन’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘जुदाई’, ‘इश्क’, ‘दीवाना मस्ताना’, ‘दुल्हे राजा’, ‘यस बॉस’ और ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग अंदाज में दर्शकों का मनोरंजन किया। ‘करण अर्जुन’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर के बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला, जबकि ‘राजा हिंदुस्तानी’ में बलवंत सिंह के किरदार के लिए उन्हें स्क्रीन अवॉर्ड मिला।

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